इंदौर में नहीं थम रहा दूषित पानी से मौत का सिलसिला, एक की और जान गई
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ...और पढ़ें

इंदौर में नहीं थम रहा दूषित पानी से मौत का सिलसिला, एक की और जान गई (फोटो- जागरण)
HighLights
मरने वालों की संख्या 14 हुई, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान
मेडिकल कॉलेज और नगर निगम की लैब से हुई पुष्टि-पानी में थे खतरनाक बैक्टीरिया
स्थानीय लोग जिसे नर्मदा जल समझकर पी रहे थे, उसमें मिला था सीवर का पानी
2800 मरीज अब तक आए सामने-201 अस्पतालों में भर्ती- 32 आइसीयू में भर्ती
जेएनएन, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को कुलकर्णी नगर निवासी 43 वर्षीय अरविंद लिखार की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही दूषित पानी से मरने वालों की संख्या 14 पहुंच गई है।
अरविंद भागीरथपुरा में मजदूरी करते थे। बता दें कि गत मंगलवार को आठ लोगों की जान चली गई थी। अब तक करीब 2800 मरीज सामने आए हैं। इनमें से 201 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। 32 मरीज आइसीयू में भर्ती हैं।
शहर के भागीरथपुरा से लिए गए पानी के सैंपलों की जांच रिपोर्ट गुरुवार को सामने आ गई। एमजीएम मेडिकल कॉलेज और नगर निगम की लैब, दोनों ने पुष्टि की है कि रहवासी नर्मदा जल समझकर जो पानी पी रहे थे, उसमें ड्रेनेज मिला हुआ था। पानी में खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं जो इस्तेमाल के लायक भी नहीं था।
सहायता राशि के चेक देने के दौरान मंत्री को झेलना पड़ा आक्रोश
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को चार मृतकों के स्वजन को दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि के चेक सौंपे। इस दौरान रहवासियों ने नाराजगी जताई और कहा कि शासन वास्तविक मौतों से कम आंकड़ा मान रहा है। विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है और डायरिया से हुई मौतों की जांच कर सहायता दी जाएगी।
एनएचआरसी ने मुख्य सचिव से दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट
मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह में मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि खबरों के मुताबिक लोग लगातार दूषित पानी की शिकायत कर रहे, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सरकार की लापरवाही का उदाहरण है इंदौर की घटना : अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मृत्यु को लेकर केंद्र व मध्य प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना सरकार की लापरवाही और नाकामी का जीता-जागता उदाहरण है। ये वही लोग हैं, जिन्होंने कहा था कि मां गंगा को साफ करेंगे।
गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय पर पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि आज अगर कोई मां गंगा का पानी पी ले तो बीमार पड़ जाएगा और अगर कोई दिल्ली में यमुना नदी में नहा ले तो उसे खुजली हो जाएगी। हम ऐसे लोगों से क्या उम्मीद कर सकते हैं, जो नदियों को साफ करने के बारे में झूठ बोलते हैं और जो अरावली पहाड़ियों को काटने के लिए तैयार हैं? जहां सरकार विकसित भारत का सपना दिखा रही है, वहां लोग गंदा पानी पीने से मर रहे हैं। क्या यही विकास है?
