विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'तो घट जाएंगी लोकसभा सीटें', फैमली प्लानिंग पर क्यों भड़के सीएम स्टालिन? खुद वजह भी बताई

Published: Sun, 23 Feb 2025 11:30 PM (GMT+05:30)

सीएम एमके स्टालिन इस समय केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने हाल के दिनों में एनईपी पर विरोध जताया। इसके ...और पढ़ें

जनसंख्या नियंत्रण के कारण तमिलनाडु की संसदीय सीटें घटने की आशंका, बोले स्टालिन। (फोटो- पीटीआई)
जनसंख्या नियंत्रण के कारण तमिलनाडु की संसदीय सीटें घटने की आशंका, बोले स्टालिन। (फोटो- पीटीआई)

HighLights

  1. तमिलनाडु की वर्तमान में हैं लोकसभा में 39 सीटें।
  2. सीएम स्टालिन ने आशंका जताई कि परिसीमन के बाद लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी।

पीटीआई, नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने रविवार को कहा कि राज्य ऐसी स्थिति का सामना कर रहा है जिसमें परिवार नियोजन कार्यक्रम को लागू करने की वजह से उसकी संसदीय सीटें कम होने की आशंका है। तमिलनाडु की वर्तमान में लोकसभा में 39 सीटें हैं।

स्टालिन ने पूर्व में भी इस विषय को उठाया था और 16 प्रकार की संपत्तियों के बारे में तमिल कहावत का जिक्र करते हुए कहा था कि लोकसभा परिसीमन की कवायद के कारण लोगों को 16 बच्चे पैदा करने के बारे में सोचना पड़ सकता है।

भाषा को लेकर मचा है बवाल

रविवार को कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के विवाह में मुख्यमंत्री ने नवविवाहितों को अपने बच्चों के तमिल नाम रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की संख्या पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिवार नियोजन अभियान एक सुनियोजित परिवार की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

क्या बोले सीएम स्टालिन?

मुख्यमंत्री ने कहा, 'चूंकि हमने लगातार इसका सही से पालन किया है, इसलिए परिसीमन की कवायद के तहत संसदीय सीटों की संख्या कम होने की स्थिति है।' गौरतलब है कि तमिलनाडु परिसीमन के बाद राज्य की संसदीय सीटों में किसी भी तरह की कमी का विरोध कर रहा है। स्टालिन ने अधिवक्ता संशोधन विधेयक, 2025 को लेकर भी केंद्र की आलोचना की है और इसे कानूनी पेशे की स्वायत्तता पर सीधा हमला करार दिया।

बीजेपी पर साधा निशाना

उन्होंने एक्स पर यह भी दावा किया कि इस विधेयक में भाजपा की तमिल के प्रति घृणा स्पष्ट है क्योंकि वह तमिलनाडु एवं पुडुचेरी बार काउंसिल का नाम बदलकर मद्रास बार काउंसिल करना चाहती है। उन्होंने कहा, 'तमिलनाडु सिर्फ नाम नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान है।'

यह भी पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ आलोचकों पर साधा निशाना, बोले- 'गुलामी की मानसिकता में फंसे लोग...'

यह भी पढ़ें: 'केंद्र 10 हजार करोड़ देगा तब भी नहीं लागू करेंगे NEP', शिक्षा नीति को लेकर क्या बोले तमिलनाडु के सीएम स्टालिन?