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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एमपी के मंत्री विजय शाह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई, कर्नल सोफिया कुरैशी पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

Published: Mon, 19 May 2025 05:45 AM (IST)Updated: Mon, 19 May 2025 06:46 AM (IST)

मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह ने हाल के दिनों में कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनकी ...और पढ़ें

कर्नल सोफिया कुरेशी के खिलाफ टिप्पणी आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।
कर्नल सोफिया कुरेशी के खिलाफ टिप्पणी आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

HighLights

  1. MP के मंत्री विजय शाह की याचिका पर आज होगी सुनवाई।
  2. विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी।

आईएएनएस, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मध्य प्रदेश के जनजातीय मामलों के मंत्री विजय शाह द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके द्वारा सेना के अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादास्पद टिप्पणियों के संबंध में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर प्रकाशित सूची के अनुसार, जस्टिस सूर्यकांत और एनके सिंह की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई 19 मई को करेगी।

शुक्रवार को समय की कमी के कारण जस्टिस कांत की अध्यक्षता वाली पीठ विजय शाह की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) की सुनवाई नहीं कर सकी और याचिकाकर्ता के अनुरोध पर मामले को सोमवार के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले में की कड़ी टिप्पणी

एक दिन पहले जब शाह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में उनकी एसएलपी की तात्कालिक सुनवाई की मांग की, तो मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मध्य प्रदेश के जनजातीय मामलों के मंत्री की अस्वीकार्य टिप्पणियों पर कड़ी टिप्पणी की।

भावनाओं को ठेस पहुंचाने का लगा आरोप

सीजेआई गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बिना कोई अंतरिम आदेश पारित किए मामले की सुनवाई 16 मई को करने पर सहमति जताई और वरिष्ठ वकील को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को एसएलपी की सूचीबद्धता के बारे में सूचित करने की सलाह दी।

जस्टिस श्रीधरन की पीठ ने कहा कि कर्नल सोफिया कुरेशी को आतंकवादियों की बहन के रूप में संदर्भित करना मुस्लिम समुदाय की भावनाओं और विश्वास को ठेस पहुंचाने का अपराध है।

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