Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Skill Development Scam: कौशल विकास घोटाला मामले में चंद्रबाबू नायडू केस से अलग हुए SC के जज एसवीएन भट्टी

    By AgencyEdited By: Mohd Faisal
    Updated: Wed, 27 Sep 2023 03:05 PM (IST)

    आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू मामले में सुप्रीम कोर्ट के जज एसवीएन भट्टी ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। बता दें कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को कौशल विकास घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है।

    Hero Image
    कौशल विकास घोटाला मामले में चंद्रबाबू नायडू केस से अलग हुए SC के जज एसवीएन भट्टी (फाइल फोटो)

    नई दिल्ली, एएनआई। आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू मामले में सुप्रीम कोर्ट के जज एसवीएन भट्टी ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के जज एसवीएन भट्टी ने खुद को अलग कर लिया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कौशल विकास मामले में दर्ज FIR को लेकर दायर की थी याचिका

    बता दें कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को कौशल विकास घोटाला मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। हालांकि, SC के जज एसवीएन भट्टी ने खुद को सुनवाई से अलग करने का फैसला किया है।

    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ ने जैसे ही मामले की सुनवाई शुरू की तो एसवीएन भट्टी ने मामले से खुद को अलग करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि हम इस मामले में सुनवाई के लिए किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दे रहे हैं।

    चंद्रबाबू नायडू के वकील ने रखा पक्ष

    हालांकि, चंद्रबाबू नायडू की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पीठ से मांग करते हुए कहा कि इस मामले में तत्काल सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष याचिका का सूचीबद्ध करने की अनुमति दी जाए।

    क्या बोले वकील हरीश साल्वे

    इसके अलावा नायडू का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि यदि पीठ मामले की सुनवाई नहीं कर रही है तो उसे पारित करने से मदद नहीं मिलेगी और अदालत अगले सप्ताह इसे सूचीबद्ध करने का निर्देश दे सकती है। वहीं, न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि पीठ इसे विशेष तारीख पर सूचीबद्ध करने का निर्देश नहीं दे सकती, लेकिन अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने का आदेश दे सकती है।

    यह भी पढ़ें- Manipur News: इंफाल में दो छात्रों की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन जारी, विरोध रैली में कई स्टूडेंट्स हुए घायल

    यह भी पढ़ें- 'निर्वस्त्र कर मारा, कूड़े से खाना खिलाया और खून भी चटाया' नौकरानी ने सुनाई मेजर दंपती की दरिंदगी की दास्तां