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    महिला पुलिसकर्मी से मारपीट के आरोपित विधायक को गिरफ्तारी से राहत, Supreme Court ने ओडिशा सरकार को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

    By Agency Edited By: Sonu Gupta
    Updated: Thu, 01 Feb 2024 05:50 PM (IST)

    सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए उससे मारपीट करने के मामले में ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष जयनारायण मिश्रा को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट उड़ीसा हाईकोर्ट के 23 नवंबर 2023 के आदेश के खिलाफ मिश्रा द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी जिसने मामले में अग्रिम जमानत के अनुरोध वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

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    महिला पुलिसकर्मी से मारपीट के आरोपित विधायक को गिरफ्तारी से राहत।

    पीटीआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला पुलिस अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए उससे मारपीट करने के मामले में ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष जयनारायण मिश्रा को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दे दी है। जस्टिस ऋषिकेश राय और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने ओडिशा सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।

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    पीठ ने क्या कहा?

    पीठ ने कहा कि इस दौरान याचिकाकर्ता को उपरोक्त मामले के संबंध में गिरफ्तारी से राहत दी जाती है। मिश्रा की ओर से पेश वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता एक विधायक हैं और ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। उन्होंने पिछले लगभग एक साल के दौरान अपने सामान्य कर्तव्यों का पालन किया है और पिछले साल 15 फरवरी की घटना के संबंध में पुलिस को कभी भी उन्हें समन करने का कोई मौका नहीं मिला।

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    उन्होंने कहा कि उड़ीसा हाई कोर्ट को याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोप और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर जमानत पर विचार करना चाहिए था क्योंकि हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं थी।

    HC के आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर SC कोर्ट कर रही थी सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट उड़ीसा हाईकोर्ट के 23 नवंबर 2023 के आदेश के खिलाफ मिश्रा द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसने मामले में अग्रिम जमानत के अनुरोध वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी।

    भाजपा विधायक ने क्या किया दावा?

    भाजपा विधायक ने आरोप को खारिज करते हुए दावा किया था कि धनुपाली की थाना प्रभारी निरीक्षक अनीता प्रधान ने उन्हें धक्का दिया था। वहीं, महिला पुलिसकर्मी का आरोप है कि विधायक ने मुझ पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया और मुझे डकैत कहा। जब मैंने पूछा कि वह ऐसे आरोप क्यों लगा रहे हैं तो उन्होंने मुझे धक्का दे दिया।

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