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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'कुछ लोग खुद को ओवर स्मार्ट समझते हैं', समय रैना पर SC की तल्ख टिप्पणी; रणवीर इलाहाबदिया को सशर्त राहत

Published: Mon, 03 Mar 2025 11:30 PM (IST)Updated: Tue, 04 Mar 2025 04:11 AM (IST)

इंडिया गॉट लेटेंट शो को लेकर हुए विवाद के बाद से ही समय रैना विदेश में हैं। उन्होंने कनाडा में ...और पढ़ें

समय रैना में कनाडा में लाइव शो के दौरान विवाद पर जोक कहा था (फाइल फोटो)
समय रैना में कनाडा में लाइव शो के दौरान विवाद पर जोक कहा था (फाइल फोटो)

HighLights

  1. रणवीर इलाहाबादिया को शो चलाने की इजाजत
  2. 280 कर्मचारियों की रोजी रोटी की दी थी दुहाई
  3. विवाद के बाद से ही विदेश में हैं समय रैना

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने इंडिया गॉट लेटेंट शो में अभिवावकों के बारे में अश्लील टिप्पणी करने के आरोपी यूट्यूबर रणवीर इलाहाबदिया को सशर्त शो चलाने की इजाजत दे दी है।

रणवीर की ओर से सोमवार को जब स्वयं और 280 अन्य कर्मचारियों की रोजी रोटी की दुहाई देते हुए शो पर लगी रोक हटाने की गुहार लगाई गई, तो कोर्ट ने इजाजत तो दी, लेकिन शर्त लगाई की उसे अंडरटेकिंग देनी होगी कि शो में शालीनता और नैतिकता के मानकों को बनाए रखा जाएगा।

केंद्र से रेगुलेशन के उपाय करने को कहा

इसके साथ ही कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हो रही अभद्रता और अश्लीलता पर अंकुश की जरूरत बताते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के मौलिक अधिकार के साथ कर्तव्य भी जुड़ा है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि हम सेंसरशिप नहीं चाहते लेकिन फ्री फॉर ऑल (खुली छूट) भी नहीं हो सकता। कोर्ट ने केंद्र सरकार से इसके नियमन के उपाय करने और सभी हितधारकों से परामर्श कर एक प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई का दायरा बढ़ा दिया है।

सॉलिसिटर जनरल ने किया विरोध

  • ये आदेश सोमवार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत और एनके सिंह की पीठ ने रणवीर इलाहाबदिया और उसके साथी आशीष चंचलानी की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिये।
  • पिछली सुनवाई गत 18 फरवरी को कोर्ट ने इलाहाबदिया को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत तो दे दी थी, लेकिन शो में उसके द्वारा प्रयुक्त भाषा को अभद्र और विकृत बताते हुए कड़ी फटकार लगाई थी।
  • इतना ही नहीं कोर्ट ने इलाहाबदिया और उसके साथियों के आगे शो करने पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने विदेश जाने की अर्जी पर फिलहाल आदेश नहीं दिया।
  • सुनवाई के दौरान केंद्र के अलावा असम और महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने रोक हटाने का विरोध करते हुए कहा कि रणवीर द्वारा शो में प्रयुक्त की गई भाषा सिर्फ अश्वलील ही नहीं बल्कि विकृत थी।
  • लेकिन पीठ ने इस संबंध में कुछ दिशा-निर्देश तय करने की मेहता की दलील से सहमति जताई। सरकार इस पर विचार करे और ड्राफ्ट तैयार करे जिसमें सभी हितधारकों से परामर्श किया जाए।

समय रैना पर की टिप्प्णी

कोर्ट ने शो के एक अन्य साथी द्वारा विदेश जाकर कोर्ट में लंबित मामले की चर्चा करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ युवा स्वयं को ओवर स्मार्ट समझते हैं लेकिन हमें उन्हें डील करना आता है।

पीठ ने कहा संभवत: वे इस अदालत का क्षेत्राधिकार नहीं जानते । कोर्ट ने कहा कि वह सुधर जाएं वरना उन्हें डील करना आता है। कोर्ट ने रणवीर से कहा कि वह लंबित मामले पर शो में कोई टिप्पणी नहीं करेगा।

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