यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रासुका के तहत वांगचुक की गिरफ्तारी को पत्नी गीतांजलि ने दी चुनौती, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका
सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। वांगचुक की पत्नी ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। वांगचुंक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर वांगचुक को रासुका में हिरासत में लिए जाने को चुनौती दी है और तत्काल रिहाई की मांग की है।
सोनम वांगचुक को गत 26 सितंबर को लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद रासुका के तहत हिरासत में ले लिया गया था। वांगचुक फिलहाल राजस्थान में जोधपुर जेल में बंद हैं।
वांगचुक की पत्नी ने क्या मांग की है?
गीतांजलि ने बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल कर वांगचुक को कोर्ट में पेश किये जाने की मांग की है। मामले पर जल्दी सुनवाई भी मांगी है। वांगचुक की पत्नी ने रासुका में हिरासत का आदेश रद करने और वांगचुक को तत्काल रिहा करने की मांग के साथ ही पति से मिलने और फोन पर बात करने का आदेश मांगा है।
याचिका में क्या कहा गया?
याचिका में कहा गया है कि वांगचुक को हिरासत में लिए जाना और उन्हें निरुद्ध रखना गैर कानूनी और असंवैधानिक है। इससे संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 और 22 में मिले मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है। याचिका में गृहमंत्रालय और लद्दाख प्रशासन को प्रतिवादी बनाया गया है।
याचिका में वांगचुक की पत्नी ने कहा है कि उसे लेह में एक प्रकार से घर में नजरबंद रखा जा रहा है और हिमालयन इंस्टीट्यूट आफ आल्टरनेटिव लद्दाख (एचआईएएल) के स्टाफ और छात्रों को परेशान किया जा रहा है। वांगचुक को मनमाने ढंग से चुपचाप जोधपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया और उन्हें उनकी जरूरी चीजें, दवाइयां भी नहीं दी गईं और न ही परिवार तथा वकील से मिलने दिया गया।
यह भी कहा गया है कि अभी तक उनकी हिरासत के आधार नहीं बताए गए हैं। याचिका में निर्देश मांगा गया है कि तत्काल प्रभाव से वांगचुक को दवाइयां, कपड़े, मूलभूत चीजें और भोजन मिलना सुनिश्चित किया जाए। यह भी मांग है कि अथारिटीज को निर्देश दिया जाए कि वो वांगचुक को हिरासत में रखने के आधार और सारा रिकार्ड कोर्ट के समक्ष पेश करे।
