जम्मू, जागरण संवाददाता। लद्दाख में भारत-चीन सैनिकों में तनातनी के बीच रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता सोनम वांगचुक ने चीनी सामान के बहिष्कार का मंत्र दोहराया है। उन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ जंग में हर भारतीय एक सिपाही है और सबको मिलकर अपने वैलेट से चीन के खिलाफ लड़ाई लड़नी है। रविवार को जारी दूसरे वीडियो में उन्होंने साफ कहा कि हमारी चीनी लोगों से कोई दुश्मनी नहीं है। हम वहां की सत्ता की विस्तारवादी और शोषण पर आधारित व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने 11 मिनट के वीडियो में लोगों के सवालों के जवाब दिए।

चीन निर्मित वस्तुओं के बहिष्कार की सोनम वांगचुक की मुहिम का योगगुरु बाबा रामदेव ने भी समर्थन किया है। बाबा रामदेव ने ट्वीट कर कहा कि उनकी चीन या वहां के लोगों से कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन, देश के खिलाफ चीनी षड्यंत्र को रोकने के लिए उनके उत्पादों का बहिष्कार करना जरूरी है।

तिब्‍बतियों और उइगर मुस्लिमों के नाम पर दुनिया में छाई हुई चुप्‍पी 

 उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति इस आंदोलन को नहीं चला सकता। इस लड़ाई में सभी भारतीयों को देशप्रेम का रोल निभाना होगा। नेता और सेलिब्रिटी अपनी भूमिका निभाएं। वांगचुक ने कहा कि तिब्बत में लाखों लोगों की मौत हो गई, छह हजार मंदिर तोड़ दिए गए पर दुनिया चुप रही। मुस्लिमों के हितों के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले देशों से सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि 10 लाख उइगर मुस्लिमों को जेल में बंद कर दिया गया। मस्जिदें तोड़ दी गई पर कोई कुछ नहीं बोला। उन्होंने कहा कि इसी आर्थिक गुलामी के कारण पाकिस्तान अब चीन का उपनिवेश बनकर रह गया है। धीरे-धीरे चीन उसके संसाधनों पर कब्जा जमा रहा है। श्रीलंका भी आज यही स्थिति झेल रहा है। हम उनसे व्यापार की बात कैसे कर सकते हैं। 

लोगों को चीन का जवाब वॉलेट पावर से देना होगा

वांगचुक ने सवाल उठाया कि 1962 से चीन लगातार घुसपैठ की साजिशें रचता रहा है। अब फौज आगे डटी है पर हमें भी जवाब देना होगा। जवाब अब वॉलेट पावर से देना होगा। अब चुप नहीं रह सकते। क्योंकि जुल्म सहना सबसे बड़ा गुनाह है। उन्होंने लोगों के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि जनता को अपनी शक्ति दिखाने का समय है। सरकार के कदम का इंतजार नहीं किया जा सकता। सरकार के अपने बंधन हैं पर फैसला जनता को लेना पड़ेगा।

अब देश के लिए जीने की आदत डालनी होगी 

उन्होंने कहा कि हमें आवाज उठानी होगी। अपने बटुए की ताकत को पहचानना होगा। कुछ समय के लिए कुछ कमियां आ सकती हैं। हम थोड़ा प्रयास करें। जिंदगी में कुछ उसूल भी होते हैं। अब देश के लिए जीना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि कम संसाधनों में हमें जीने की आदत डालनी होगी। कुछ समय में सब चीजें अपने आप दुरुस्त हो जाएंगी। 

दिया था 'बुलेट नहीं वॉलेट' का मंत्र

 बता दें कि दो दिन पूर्व भी एक वीडियो जारी कर उन्होंने 'बुलेट नहीं वॉलेट' का मंत्र दिया था। उन्होंने चीन के सभी सामान का बहिष्कार करने की अपील की थी। कई फिल्मी हस्तियों, उद्योग संगठनों और बाबा रामदेव ने उनकी मुहिम का समर्थन किया था। यहां बता दें कि आमिर खान की सुपरहिट फिल्म 3 इडियट्स का मुख्य किरदार फुंसुख वांगड़ू रेमन मैग्सेसे अवॉर्ड विजेता वांगचुक पर ही आधारित था।

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Posted By: Arun Kumar Singh

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