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    गर्भवती होने के दौरान ढाका निर्वासित महिला ने बंगाल में बेटे को दिया जन्म, अभिषेक बनर्जी ने दी बधाई

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 08:49 PM (IST)

    गर्भवती सोनाली खातून, जिन्हें पिछले साल बांग्लादेश निर्वासित किया गया था, ने सोमवार को एक बेटे को जन्म दिया। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ...और पढ़ें

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    सुनाली खातून ने बच्चे को दिया जन्म। (प्रतीकात्मक)

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। गर्भवती बंगाली महिला सुनाली खातून, जो पिछले साल दिसंबर में बांग्लादेश से भारत लौटी थीं, ने सोमवार को एक लड़के को जन्म दिया। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने खातून को बधाई दी और बताया कि वह मंगलवार को बीरभूम के रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उनसे मिलेंगे। पड़ोसी देश की नागरिक होने के संदेह में खातून को बांग्लादेश निर्वासित किया गया था।

    अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर अभिषेक बनर्जी ने लिखा कि उनके साथ हुए अन्याय को देखते हुए यह खुशी का क्षण और भी गहरा हो जाता है। दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने उन्हें झूठे तौर पर बांग्लादेशी बताकर जबरन बांग्लादेश भेज दिया था। छह दिसंबर 2025 को बांग्लादेश निर्वासित किए जाने के छह महीने बाद खातून भारत वापस लौटीं।

    जून 2025 में, खातून, जो उस समय गर्भवती थी, को पड़ोसी देश की निवासी होने के संदेह पर जबरन बांग्लादेश भेज दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें उनके आठ वर्षीय नाबालिग बेटे के साथ देश वापस भेज दिया गया।

    देश लौटने के बाद, खातून को चिकित्सा जांच के लिए रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि खातून और उसका बेटा घर लौट आए, लेकिन चार लोग अभी भी बांग्लादेश में फंसे हुए हैं। इनमें खातून के पति शामिल हैं।

    जून में, पुलिस ने खातून समेत छह लोगों को बांग्लादेशी घुसपैठिए होने के संदेह में दिल्ली से गिरफ्तार किया था। बाद में इन्हें बांग्लादेश भेज दिया गया। इसके बाद बांग्लादेश पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें वापस लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाई कोर्ट में केस दायर किया गया था।