जम्‍मू, एजेंसी। जम्‍मू-कश्‍मीर में अलगाववादियों ने आज कश्‍मीर बंद का आह्वान किया है। राज्‍य में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान और हिंसक घटनाओं के खिलाफ यह बंद बुलाया गया है। अलगाववादियों का तर्क है कि रमजान के पवित्र महीने में भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इन घटनाओं में आम नागरिक, सुरक्षाबलों के जवान और आतंकी मारे जा रहे हैं।

उल्‍लेखनीय है कि दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां में कल गुरुवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में छह आतंकियों को ढेर कर दिया। पुलवामा जिले के डलीपोरा में जैश कमांडर और 15 लाख के इनामी खालिद भाई समेत उसके दो साथियों को मार गिराया गया। इस दौरान दो जवान भी शहीद, जबकि दो अन्य जख्मी हुए हैं। वहीं, क्रॉस फायरिंग में एक स्थानीय युवक की भी मौत हो गई।

शहीद जवानों में एक की पहचान संदीप (28), गांव-बेहलबा, तहसील-रोहतक, जिला-रोहतक, हरियाणा के रूप में हुई है। मुठभेड़ में कानपुर देहात के डेरापुर कस्‍बे के रोहित यादव भी शहीद हो गए हैं। आतंकियों के मारे जाने की खबर फैलते ही पुलवामा और शोपियां में शुरू हुई हिंसक झ़़डपों में छह लोग जख्मी हो गए हैं। प्रशासन ने हालात को देखते हुए पुलवामा और उससे सटे इलाकों में कफ्र्यू लागू करने के साथ ही मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया है।

गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से कश्‍मीर में आतंकी ज्‍यादा सक्रिय नजर आ रहे हैं। इस कारण सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ों का सिलसिला नहीं थम रहा है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इस साल हिंसक घटनाओं में कमी भारी कमी आई है। यही नहीं पिछले साल के मुकाबले इस साल वादी में हिंसक प्रदर्शनों में 60 फीसद की कमी आई है, जिसकी वजह से सुरक्षाबलों की तरफ से पैलेट गन का इस्तेमाल भी कम किया गया है।  

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