36 साल पहले लगा प्रतिबंध, अब भारत में बिकने लगी सलमान रुश्दी की 'द सैटेनिक वर्सेज', 1999 रुपये है कीमत
सलमान रुश्दी की विवादित किताब द सैटेनिक वर्सेज अब भारत में बिकने लगी है। 1999 रुपये इसकी कीमत है। हालांकि ये पुस्तक अभी दिल्ली एनसीआर में बाहरीसंस बुक सेलर्स स्टोर पर मिलेगी। 36 साल पहले राजीव गांधी सरकार में रुश्दी की इस किताब पर प्रतिबंध लगाया गया था। कई मुस्लिम संगठनों ने भी इस पर ऐतराज जताया था। सलमान रुश्दी पर हमला भी हो चुका है।

पीटीआई, नई दिल्ली। ब्रिटिश भारतीय उपन्यासकार सलमान रुश्दी की विवादास्पद पुस्तक ''द सैटेनिक वर्सेज'' की 36 साल प्रतिबंध के बाद भारत में फिर से बिक्री शुरू हो गई है। इस पर राजीव गांधी सरकार की ओर से प्रतिबंधित लगाया गया था। यह किताब केवल दिल्ली-एनसीआर में बाहरीसंस बुक सेलर्स स्टोर्स पर उपलब्ध है। इसकी कीमत 1,999 रुपये है।
मुस्लिम संगठनों ने इसकी सामग्री पर ऐतराज जताया था। नवंबर में दिल्ली हाई कोर्ट ने किताब के आयात पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई बंद कर दी थी। दरअसल, अधिकारी उस अधिसूचना को पेश नहीं कर सके जिसके आधार पर प्रतिबंध लगाया गया था। पुस्तक अपने प्रकाशन के कुछ ही समय बाद विवाद में आ गई थी।
खुमैनी ने जारी किया था फतवा
ईरानी नेता रूहुल्लाह खुमैनी ने मुसलमानों से रुश्दी और उनके प्रकाशकों को मारने के लिए फतवा जारी किया था। रुश्दी ने लगभग 10 साल ब्रिटेन और अमेरिका में छिपकर बिताए। जुलाई 1991 में उपन्यासकार के जापानी अनुवादक हितोशी इगाराशी की उनके कार्यालय में हत्या कर दी गई थी। 12 अगस्त 2022 को लेबनानी-अमेरिकी हादी मतार ने एक व्याख्यान के दौरान मंच पर रुश्दी को चाकू मार दिया था, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी चली गई।
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