Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अगले तीन दिन आपको सांस लेने में हो सकती है दिक्कत, सफर ने दी ये चेतावनी

    By Ashish PandeyEdited By:
    Updated: Fri, 05 Nov 2021 03:54 PM (IST)

    अगर आपको सांस की कोई बीमारी है तो सावधान रहें क्योंकि अगले कुछ दिन आपको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। गौरतलब है कि अगर दिवाली पर दिल्ली में एक भी पटाखा न जलाया जाए तो भी आपको दिल्ली एनसीआर में काफी प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ेगी।

    Hero Image
    दिल्ली में एक भी पटाखा न जलाएं तो भी आपको दिल्ली एनसीआर में काफी प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ेगी।

    नई दिल्ली, अनुराग मिश्र/विवेक तिवारी। अगर आपको सांस की कोई बीमारी है तो अगले दो दिन आपको थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है। अगले कुछ दिन आपको सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। दिल्ली की हवा में प्रदूषण के स्तर पर नजर रखने रखने वाली संस्था सफर की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली की हवा में दिवाली के दिन PM 2.5 का स्तर 298 माइक्रोग्राम प्रति क्यूब मीटर तक पहुंच सकता है। वहीं दिवाली के अगले दिन पांच नवम्बर को हवा में PM 2.5 का स्तर 377 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच सकता है। मानकों के तहत हवा में पीएम PM 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। गौरतलब है कि अगर दिवाली पर दिल्ली में एक भी पटाखा न जलाया जाए तो भी आपको दिल्ली एनसीआर में काफी प्रदूषित हवा में सांस लेनी पड़ेगी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंस के प्रोजेक्ट सफर के निदेशक डॉक्टर गुफरान बेग के मुताबिक अगले दो दिन दिल्ली और एनसीआर में हवा में प्रदूषण काफी ज्यादा रहेगा। दिल्ली की हवा में पराली जलाने के चलते होने वाले प्रदूषण का स्तर दिवाली के दिन 20 फीसदी से अधिक बढ़ सकता है। वहीं पांच और छह नवम्बर को हवा में पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का स्तर हवा में 40 फीसदी तक बढ़ सकता है। इसका प्रमुख कारण उत्तर पश्चिमी हवाएं हैं। ये हवाएं पराली जलाने से होने वाले धुएं को दिल्ली की ओर लाएंगी।

    दिल्ली में अगले तीन दिन हवा काफी धीमी रहेगी। सफर की रिपोर्ट के मुताबिक मौसम को देखते हुए अगर दिल्ली में एक भी पटाखा न जलाया जाए तो भी अगले तीन दिनों में हवा में PM 2.5 का स्तर बेहद खराब स्थिति में ही रहेगा। इसका सबसे बड़ा कारण उत्तर पश्चिमी हवाएं हैं जो पराली के धुएं को दिल्ली एनसीआर तक ले आएंगी। सफर के मुताबिक चार और पांच नवम्बर को दिल्ली और एनसीआर में हवा में प्रदूषण का स्तर गंभीर या बेहद खतरनाक स्तर पर रहेगा। वहीं 6 नवम्बर से हवा में प्रदूषण के स्तर में कमी दर्ज की जाएगी।

    यह भी पढ़ें: दिल्ली के पटाखे नहीं, मौसम है प्रदूषण के लिए अधिक जिम्मेदार: स्टडी

    इस समय रहें बेहद सावधान

    सफर की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण का सबसे अधिक असर दिवाली की रात 1 बजे से सुबह 6 बजे और 5 नवम्बर को सुबह रहेगा। दिल्ली और एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में 40 फीसदी तक की हिस्सेदारी पराली जलाने से होने वाले धुएं की होगी।

    इन तीन कारणों से बढ़ेगा प्रदूषण

    हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के तीन प्रमुख कारण होंगे। सबसे पहला कारण हवा की दिशा है वहीं दूसरा कारण हवा की रफ्तार बेहद कम होना है। इसके चलते हवा में प्रदूषण काफी देर तक बना रहता है। तीसरा सबसे बड़ा कारण पटाखों का जलाया जाना है। 2019 में पटाखे जलाए जाने से हवा में प्रदूषण का स्तर 50 फीसदी तक बढ़ा था।

    यह भी पढ़ें: दिवाली का दिया आपके जीवन को कई तरह से करता है रौशन, जानिए क्या कहता है विज्ञान

    क्यों है पीएम 2.5 खतरनाक

    इंसान के बालों का मोटाई लगभग 50 से 70 माइक्रॉन होती है

    समुद्र किनारे मिलने वाली रेत की मोटाई करीब 90 माइक्रॉन

    प्रदूषण में मौजूद पीएम 2.5 के कणों की मोटाई 2.5 माइक्रॉन होती है, इनमें धुएं से निकलने वाले पार्टिकल, ऑर्गेनिक कंपाउंड और धातुओं के टुकड़े होते हैं।

    पीएम 10 कणों की मोटाई करीब 10 माइक्रॉन होती है। इसमें प्रमुख रूप से धूल और कुछ प्रदूषक तत्व होते हैं।

    जागरण प्राइम की ऐसी ही अन्य In-depth डाटा स्टोरीज पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...