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सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी की जांच के लिए एसआईटी गठित, कोर्ट ने कहा- 'जानकारी लीक न हो पाए'

Published: Tue, 07 Oct 2025 06:00 AM (IST)

केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी के आरोपों की जांच के लिए एसआईटी का गठन करने ...और पढ़ें

मंदिर में सोना चोरी को लेकर हाई कोर्ट ने दिया आदेश। (फाइल फोटो)
मंदिर में सोना चोरी को लेकर हाई कोर्ट ने दिया आदेश। (फाइल फोटो)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी के आरोपों की जांच के लिए सोमवार को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का निर्देश दिया। साथ ही यह भी आदेश दिया कि जांच गोपनीय रखी जाए और कोई जानकारी लीक न हो।

इस जांच का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून और व्यवस्था) एच वेंकटेश करेंगे। अदालत ने साथ ही कहा कि एसआईटी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जांच अत्यधिक विवेक और ईमानदारी के साथ की जाए।

अदालत ने क्या दिया आदेश?

अदालत ने आदेश दिया कि 10 अक्टूबर 2025 को टीडीबी के मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद एसआईटी औपचारिक रूप से जांच का कार्यभार संभाल लेगी। जस्टिस राजा विजयाराघवन वी और जस्टिस केवी जयकुमार की पीठ ने त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) के मुख्य सतर्कता और सुरक्षा अधिकारी द्वारा प्रस्तुत अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर यह आदेश दिया।

रिटायर्ड जस्टिस केटी शंकरन की देखरेख में होगा काम 

अदालत ने पहले टीडीबी के मुख्य सतर्कता और सुरक्षा अधिकारी को द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों से सोने की परतों के वजन घटने के मामले की जांच का निर्देश दिया था। पिछले सप्ताह, अदालत ने सबरीमाला मंदिर में सभी कीमती वस्तुओं की एक व्यापक सूची बनाने का आदेश दिया था।

यह कार्य सेवानिवृत्त जस्टिस केटी शंकरन की देखरेख में होगा। यह आदेश 2019 से संबंधित है, जब टीडीबी द्वारा सोने की प्लेटें उतारी गई थीं। मामला तब बढ़ा जब उनिकृष्णन पोटी ने दावा किया कि 2019 में मंदिर को दान की गई दो सोने की प्लेटें गायब हो गई हैं। द्वारपालकों की प्रतिमाओं को इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए चेन्नई स्थित एक कंपनी को भेजा गया था जिसके बाद अदालत ने टीडीबी सतर्कता दल को उनके कम वजन की जांच का निर्देश दिया था।

उधर, केरल के मंत्री वीएन वासवन ने सबरीमाला मंदिर में स्वर्ण-प्लेटिंग में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के हाई कोर्ट के निर्देश का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि जांच से सच्चाई सामने आएगी।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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