यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तमिलनाडु में जन्म, पिता DMK नेता... कौन हैं डी. उदयकुमार, जिन्होंने डिजाइन किया था रुपये का सिंबल '₹'?
तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने हिंदी विरोध में एक कदम आगे बढ़ते हुए रुपये के चिन्ह ₹ को तमिल भाषा ...और पढ़ें

HighLights
- डीएमके नेता एन धर्मलिंगम के बेटे हैं उदयनिधि
- 15 जुलाई 2010 को चुना गया था '₹' सिंबल
- स्टालिन सरकार ने 'ரூ' सिंबल से रिप्लेस किया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने रुपये के चिन्ह '₹' को हटाकर 'ரூ' सिंबल से रिप्लेस कर दिया है। इस सिंबल का मतलब भी तमिल लिपी में 'रु' ही है। ये बदलाव स्टालिन सरकार ने राज्य के बजट में किया है।
दरअसल स्टालिन भाषा विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। वह केंद्र पर हिंदी थोपने का आरोप लगा रहे हैं। इसी क्रम में उनकी सरकार ने रुपये का सिंबल बदलने का फैसला किया। हालांकि शायद को यह मालूम नहीं होगा कि रुपये के '₹' सिंबल को तमिलनाडु में जन्मे व्यक्ति ने ही डिजाइन किया था और उनके पिता खुद डीएमके के विधायक थे।
किसने बनाया था रुपये का डिजाइन
रुपये के सिंबल '₹' को उदयकुमार धर्मलिंगम ने डिजाइन किया था। उनका जन्म 10 अक्टूबर 1978 को तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में हुआ था। वह देश के नामी डिजाइनर और शिक्षाविद हैं। उदयकुमार इस वक्त आईआईटी गुवाहाटी में डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन के हेड हैं।
उदयकुमार के पिता एन धर्मलिंगम खुद डीएमके के विधायक रह चुके हैं। तब रुपये के डिजाइन के लिए एक ओपन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता के लिए 3,331 एप्लीकेशन प्राप्त हुई थी।
2010 में चुना गया डिजाइन
- इन सभी में से अंत में 5 डिजाइन को फाइनल किया गया था। 2010 में जब उदयकुमार धर्मलिंगम आईआईटी गुवाहाटी में अपनी नौकरी शुरू करने ही जा रहे थे, तभी उनके डिजाइन को रुपये के सिंबल के रूप में चुन लिया गया था। सरकार ने 15 जुलाई 2010 को जनता के सामने '₹' सिंबल को पेश किया।
- उदयकुमार के पिता और तत्कालीन डीएमके विधायक एन धर्मलिंगम ने अपने बेटे के डिजाइन के चुने जाने पर खुशी जताई थी और कहा था कि यह उनके लिए बेहद गर्व का पल है। उन्होंने इसे तमिलनाडु के गौरव की बात बताई थी।
'₹' सिंबल तिरंगे से प्रेरित
अपनी जीत के बाद उदयकुमार धर्मलिंगम ने बताया था कि उनका डिजाइन देवनागरी के 'र' और रोमन अक्षर 'R' को मिलाकर बनाया गया है। उन्होंने इस तिरंगे से प्रेरित भी बताया था। उदयकुमार ने कहा था कि इसकी क्षैतिज रेखा समानता को दर्शाती है।
भाजपा ने स्टालिन सरकार पर सिंबल बदलने को लेकर निशाना साधा है। तमिलनाडु भाजपा प्रमुख के अन्नामलाई ने कहा कि यह राष्ट्रीय प्रतीक की अवहेलना है। वहीं भाजपा नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि स्टालिन को अपना नाम बदलकर भी तमिल नाम रखना चाहिए।
