'बच्चों के लिए ATM न बनें', रिटायरमेंट के बाद क्या करें सरकारी कर्मचारी? वित्तीय सलाहकार ने दी शानदार एडवाइस
अक्सर भारतीय माता-पिता बच्चों के भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और रिटायरमेंट फंड का बड़ा हिस्सा भी उन्हें दे देते हैं। गिरीश अग्रवाल ने लिंक्डइन पर एक सरकारी अधिकारी की कहानी साझा की जिसने रिटायरमेंट के बाद बच्चों को पैसे दिए और खुद के लिए कुछ नहीं बचाया। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा जरूरी है और अपने भविष्य को सुरक्षित करना चाहिए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर भारतीय मां-बाप अपने बच्चों की भविष्य को बेहतर बनाने के लिए जिंदगी भर कड़ी मेहनत करते हैं। इतना ही नहीं रिटायर होने के बाद रिटायरमेंट फंड का बड़ा हिस्सा अपने बच्चों को देने से भी नहीं हिचकते हैं। हालांकि, कभी-कभी बूढ़े मां-बाप ऐसा कर अपने भविष्य को खतरे में डाल लेते हैं।
'बच्चों के लिए मां-बाप बन जाते हैं एटीएम'
ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया है जहां पूर्व म्यूचुअल फंड सलाहकार गिरीश अग्रवाल ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में एक सरकारी अधिकारी की कहानी शेयर की। गिरीश अग्रवाल ने बताया कि एक सरकारी कर्मचारी ने कई वर्षों तक सर्विस की, जिसके बाद उन्हें रिटायरमेंट फंड के तौर पर 1 करोड़ रुपये मिले। लेकिन, रिटायरमेंट के तुरंत बाद कई लोगों ने उनसे पैसे मांगने शुरू कर दिए।
उनके एक बच्चे ने अनुरोध किया कि उन्हें स्टार्टअप के लिए पैसे की जरूरत है। वहीं, उनकी बहू ने फ्रैंचाइजी खोलना की इच्छा जाहिर की। पुत्र मोह में आकर बूढ़े पिता ने बिना कुछ सोचे बच्चों की मदद की। आखिरकार वो हर किसी के लिए एटीएम बन गए। वहीं, अपने पैसे की सेविंग करना भूल गए। उन्होंने जो कुछ किया वो उदारता नहीं, लापरवाही थी।
रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा जरूरी
उन्होंने कहा कि अक्सर बच्चे अपने माता-पिता से रिटायरमेंट फंड की मांग तो करते हैं, लेकिन वो मां-बाप की जिम्मेदारियां नहीं उठाना चाहते। रिटायरमेंट के बाद अक्सर लोगों के पास न तो पेंशन की सुविधा होती है और न ही कोई वित्तीय सुरक्षा। रिटायरमेंट के बाद बुजुर्गों को रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी संघर्ष करना पड़ जाता है।
अग्रवाल ने सुझाव दिया कि रिटायरमेंट के बाद सबसे पहले लोगों को अपने भविष्य सुरक्षित करने पर जोर देना चाहिए, जो उन्हें अलगे 25-30 वर्षों तक मदद करेगी। उन्होंने कहा कि जब आप किसी भी निर्भर नहीं रहते तो आपके बच्चे भी आपका ज्यादा सम्मान करेंगे।
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