कोर्ट में रजिस्टर्ड वसीयत ही होगी मान्य
अगर अपने या किसी पराये की सेवा से ज्यादा खुश हैं और उसे जायदाद में वारिस बना चाहते हैं तो उसके लिए रजिस्टर्ड वसीयत करानी होगी। यह बहुत आसान काम है। महज सौ रुपये खर्च करने पर ही हो जाएगा। बाद में कभी किसी संबंधित को साबित करना पड़ा तो कोर्ट में रजिस्टर्ड वसीयत ही मान्य होगी। ऐसे करें आवेदन वसीयत रजिस्टर्ड
बरेली [जासं]। अगर अपने या किसी पराये की सेवा से ज्यादा खुश हैं और उसे जायदाद में वारिस बना चाहते हैं तो उसके लिए रजिस्टर्ड वसीयत करानी होगी। यह बहुत आसान काम है। महज सौ रुपये खर्च करने पर ही हो जाएगा। बाद में कभी किसी संबंधित को साबित करना पड़ा तो कोर्ट में रजिस्टर्ड वसीयत ही मान्य होगी।
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ऐसे करें आवेदन
वसीयत रजिस्टर्ड कराने के लिए जेल रोड स्थित रजिस्ट्री दफ्तर जाना होगा। अगर लिखना जानते हैं तो स्वयं ड्राफ्ट कर सकते हैं। वरना फिर कातिब की मदद ले सकते हैं। वसीयत सादे कागज पर भी रजिस्टर्ड हो जाएगी लेकिन स्टांप पर कराने से लंबे समय तक महफूज रहेगी। स्टांप का कागज अच्छा होने से जल्दी खराब नहीं होगा। दस या पांच रुपये मूल्य वाला स्टांप खरीद सकते हैं।
ये लिखना होगा मजमून
पहले अपना नाम, पता व उम्र लिखें। उसके बाद कहें कि अपने पूरे होश-ओ-हवास में अपनी फलां-फलां जमीन, मकान या कोई और चीज का नाम देते हुए जिसे वारिस बना रहे हैं, उसका नाम लिखना होगा। रिश्ता भी खोल सकते हैं। जीवनकाल में वसीयत कर रहे हैं यह भी लिखना होगा।
यहां करें आवेदन
वसीयत रजिस्टर्ड कराने के लिए शहर में प्रथम व द्वितीय सब रजिस्ट्रार को आवेदन करना होगा। तहसीलों में संबंधित रजिस्ट्रार के दफ्तर में।
वसीयत की फीस
इसके लिए 100 रुपये फीस शासन की तरफ से निर्धारित है। अगर कातिब से मजमून लिखवाएं तो उससे पैसे पहले तय कर लें।
दो गवाह
रजिस्टर्ड वसीयत के लिए दो गवाह दरकार होंगे। अपने साथ उनके भी फोटो भी लगाने होंगे। नाम व पता भी लिखना होगा। वसीयत पर उनकी गवाही दर्ज होगी।
रखवाने की भी सुविधा
अगर वसीयत के गुम होने या किसी और बात का डर है तो उसे कलेक्ट्रेट स्थित रजिस्ट्रार स्टांप एवं निबंधन यानि एडीएम एफआर के चैंबर की तिजोरी में रखवा सकते हैं।
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