आंध्र प्रदेश ट्रेन हादसे के लिए रायगड़ा पैसेंजर के चालक जिम्मेदार, प्रारंभिक जांच में दावा
विजयनगरम में हुए ट्रेन हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। रेलवे ने हादसे की प्रारंभिक जांच की है। जांच में पता चला कि रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट और सहायक पायलट को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। बता दें कि रायगड़ा पैसेंजर ने पलासा पैसेंजर को पीछे से टक्कर मारी थी।

एजेंसी, विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में हावड़ा-चेन्नई लाइन पर रविवार को हुए रेल हादसे के लिए रेलवे ने प्रारंभिक जांच में रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट और सहायक पायलट को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर सिग्नल पार किया। इसी के चलते ट्रेन आगे खड़ी पलासा पैसेंजर में पीछे से जा टकराई।
14 लोगों की मौत, 50 घायल
हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है, जबकि 50 लोग घायल हुए हैं। सात विशेषज्ञों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुर्घटना स्थल, उपलब्ध साक्ष्य, संबंधित अधिकारियों के बयान, डाटा लागर रिपोर्ट और स्पीडोमीटर चार्ट आदि की जांच के बाद सामने आया कि रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन द्वारा सिग्नल को ओवरशूटिंग किया गया। ओवरशूटिंग का मतलब है जब कोई ट्रेन लाल सिग्नल पर रुकने के बजाय आगे बढ़ जाती है।
नियमों की अवहेलना कर पार किया ऑटो सिग्नल
रिपोर्ट में कहा गया है कि रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट एसएमएस राव और सहायक लोको पायलट चिरंजीवी ने नियमों की अवहेलना कर ऑटो सिग्नल पार किया। रेलवे के नियम के मुताबिक, ट्रेन को खराब ऑटो सिग्नल पर दो मिनट के लिए रुकना चाहिए था और फिर 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिसके चलते हादसा हुआ।
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इलाज के दौरान एक की मौत
उधर, विजयनगरम के संयुक्त जिलाधीश मयूर अशोक ने सोमवार को बताया कि 13 लोगों की मौत दुर्घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हुई। हादसे में पलासा पैसेंजर ट्रेन के गार्ड एमएस राव, रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के लोको पायलट एसएमएस राव और उनके सहायक चिरंजीवी की भी जान चली गई। घायलों का विशाखापत्तनम और विजयनगरम के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
सीएम ने जाना घायलों का हाल
पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीआर) के अधिकारियों ने बताया कि रविवार शाम करीब सात बजे विशाखापत्तनम से लगभग 40 किलोमीटर दूर कंकटपल्ली में पलासा पैसेंजर ट्रेन को रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन ने पीछे से टक्कर मार दी थी। यही नहीं, हादसे के बाद पलासा पैसेंजर के कोच दूसरी लाइन पर जा गिरे थे, दूसरी तरफ से आ रही मालगाड़ी भी इनसे टकरा गई थी। उधर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने विजयनगरम सिविल अस्पताल का दौरा कर हादसे में घायल हुए लोगों से हालचाल जाना। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। रेड्डी ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राज्य के मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को दो-दो लाख की अनुग्रह राशि देने का निर्देश दिया।
पांच बोगियां और रायगड़ा का इंजन क्षतिग्रस्त
पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीआर) के डीआरएम सौरभ प्रसाद ने बताया कि सभी हादसाग्रस्त बोगियों की जांच की गई और इंजन को अब हटाया जा रहा है, ताकि एनडीआरएफ यह देख सके कि कोई शव बोगी या रेल के इंजन में तो फंसा हुआ नहीं है। डीआरएम ने कहा कि पांच बोगियों के साथ-साथ रेल का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया है। तीन बोगियां पलासा पैसेंजर ट्रेन की हैं और दो बोगियां तथा इंजन रायगड़ा पैसेंजर ट्रेन के हैं। उन्होंने बताया कि रेल की पटरियों से अवरोध हटाने का काम भी किया जा रहा है। ईसीआर के सीपीआरओ बिस्वजीत साहू ने बताया कि हादसे के चलते 33 ट्रेनें रद की गई हैं जबकि छह के मार्ग में फेरबदल किया गया है।
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