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आरएसएस पवित्र, विशाल वट वृक्ष की तरह है जो भारत के लोगों को एक साथ लाता है: रामनाथ कोविंद

Published: Thu, 02 Oct 2025 08:40 AM (IST)Updated: Thu, 02 Oct 2025 09:45 AM (IST)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) नागपुर में विजयादशमी उत्सव मना रहा है जो शताब्दी वर्ष समारोह की शुरुआत का प्रतीक है। ...और पढ़ें

आरएसएस के विजयादशमी के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।
आरएसएस के विजयादशमी के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) गुरुवार को नागपुर में विजयादशमी उत्सव मना रहा है। इस अवसर पर शताब्दी वर्ष समारोह का शुभारंभ हो रहा है। यह 1925 में डॉ. केबी हेडगेवार की ओर से संगठन की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हो रहा है।

इस मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य लोग उपस्थित हैं। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हैं।

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  • यह वर्ष श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज के पावन देहोत्सर्ग का 350 वर्ष है । हिन्द की चादर बनकर उनके उस बलिदान ने विदेशी विधर्मी अत्याचार से हिन्दू समाज की रक्षा की: मोहन भागवत
  • पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि राष्ट्रीय-निर्माताओं में ऐसे दो डॉक्टर भी हैं, जिनका मेरे जीवन-निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। वे दो महापुरुष हैं- डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर
  • आज महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती भी है। मैं इन महापुरुषों की स्मृति को सादर नमन करता हूं। ‘विजयादशमी उत्सव’ का यह दिन, संघ का ‘शतक-पूर्ण-उत्सव’ भी है।
  • RSS एक पवित्र, विशाल वट वृक्ष की तरह है जो भारत के लोगों को एक साथ लाता हैं: रामनाथ कोविंद

मोहन भागवत ने दी हेडगेवार को श्रद्धांजलि

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने RSS के संस्थापक डॉ हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. रामनाथ कोविंद ने भी नमन किया। इसके बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत कार्यक्रम से पहले शस्त्र पूजन किया, इसके बाद योग, प्रात्यक्षिक, नियुद्ध, घोष, प्रदक्षिणा का आयोजन किया जाएगा।

आरएसएस की शाखाओं में मनाया जा रहा विजयादशमी उत्सव

विजयादशमी उत्सव संघ की देशभर की 83 हजार से अधिक शाखाओं में भी मनाया जा रहा है। 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने आरएसएस की शुरुआत की थी।

(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)

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