विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्र ने बनायी JNU विवाद से दूरी, राजनाथ बोले-सरकार का दखल नहीं

By Lalit RaiEdited By:
Published: Sat, 05 Mar 2016 01:07 AM (GMT+05:30)Updated: Sat, 05 Mar 2016 08:51 AM (GMT+05:30)

जेएनयू विवाद से केंद्र सरकार ने दूरी बना ली है। कन्हैया कुमार के बारे में पूछे गए एक सवाल के ...और पढ़ें

News Article Hero Image

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। जेएनयू विवाद से केंद्र सरकार ने दूरी बना ली है। कन्हैया कुमार के बारे में पूछे गए एक सवाल के जबाव में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसके साफ संकेत दिये। उन्होंने साफ कर दिया कि मामले की जांच में दिल्ली पुलिस को जो भी करना है, कर रही है। हमें उसपर कुछ नहीं कहना है। गौरतलब है कि राजनाथ सिंह ने शुरू में जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारे को लश्करे तैयबा प्रमुख हाफिज सईद का समर्थन होने की बात कही थी।

जेएनयू प्रोफेसर ने कहा, कश्मीर पर भारत का गैरकानूनी कब्जा

जेएनयू विवाद से सरकार की दूरी को इस बात से समझा जा सकता है कि राजनाथ सिंह ने कन्हैया कुमार की रिहाई और जेएनयू में दिए गए भाषण के बारे में पूछे गए किसी भी सवाल का जबाव नहीं दिया। उनका सिर्फ यही कहना था कि इस मामले में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है और केंद्र सरकार का उससे कोई लेना-देना नहीं है।

जेएनयू में लगे राष्ट्रविरोधी नारे के बाद दिल्ली पुलिस ने कन्हैया कुमार को राष्ट्रद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस समय कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी का विरोध करने वालों को नसीहत देते हुए राजनाथ सिंह ने पूरे मामले को लश्करे तैयबा प्रमुख के समर्थन हासिल होने की बात कही थी। यही नहीं, दिल्ली पुलिस के पूर्व प्रमुख बीएस बस्सी लगातार कन्हैया कुमार के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के मामले में पुख्ता सबूत होने का दावा करते रहे। जबकि विपक्ष दल और समाज का एक वर्ग दिल्ली पुलिस के इस दावे को मानने के लिए तैयार नहीं है। पटियाला हाऊस कोर्ट में कन्हैया कुमार को सुरक्षा नहीं दे पाने को लेकर भी दिल्ली पुलिस निशाने पर रही।