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    'नेताओं के प्रति पैदा हुआ विश्वास का संकट', राजनाथ सिंह ने क्यों कही ये बात?

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 09:53 PM (IST)

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उदयपुर में नेताओं के प्रति विश्वास के संकट पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कथनी-करनी में अंतर से यह स्थिति बन ...और पढ़ें

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    उदयपुर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह।

    जागरण संवाददाता, उदयपुर। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत की राजनीति और नेताओं के प्रति विश्वास का संकट पैदा हुआ है। नेताओं के कथन और आचरण में अंतर के कारण यह स्थिति बनी है और इसे एक बड़ी चुनौती के रूप में स्वीकार करना होगा। वे उदयपुर में विद्या प्रचारिणी सभा और बीएन संस्थान के 104वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जांच में ऐसे लोग सामने आए जो व्हाइट कॉलर माने जाते थे। उन्होंने कहा, “एक आरोपी डॉक्टर था, जो अपनी पर्ची पर आरएक्स लिखता था, लेकिन उसके पास से आरडीएक्स मिला। यह घटना बताती है कि ज्ञान के साथ संस्कार होना कितना जरूरी है।”

    'भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है'

    राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत 2030 तक दुनिया की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा। रक्षा क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है और हथियार निर्माण में भारत तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा, “एक समय था जब भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है।”

    'मेरे भीतर का शिक्षक आज भी जिंदा'

    राजनीति में आने को लेकर उन्होंने कहा, “मेरे भीतर का शिक्षक आज भी जीवित है। राजनीति में आना मेरे लिए एक संयोग था। हमारे यहां कहते हैं— फिसल पड़े तो हर-हर गंगे। कुछ ऐसा ही मेरे साथ हुआ।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने राजनीतिक जीवन में कभी अनावश्यक आश्वासन नहीं देते, क्योंकि वादों और हकीकत के अंतर से ही विश्वास का संकट गहराया है।

    सैनिक स्कूल की मांग पर क्या बोले रक्षा मंत्री?

    उदयपुर में सैनिक स्कूल की मांग पर उन्होंने कहा कि बीएन संस्थान के दोनों स्कूलों की निरीक्षण रिपोर्ट सकारात्मक है और वे इस विषय में अपनी ओर से पूरा प्रयास करेंगे। नई शिक्षा नीति पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इसमें शिक्षा के साथ ज्ञान और संस्कार को केंद्र में रखा गया है। शिक्षक समाज की रीढ़ हैं और उनका सम्मान अनिवार्य है।

    कार्यक्रम में मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने बिना नाम लिए राज्यपाल के हालिया बयान पर इशारों में प्रतिक्रिया दी और महापुरुषों के नाम के राजनीतिक दुरुपयोग पर सख्ती की जरूरत बताई। कार्यक्रम के बाद रक्षा मंत्री सिटी पैलेस पहुंचे, जहां पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह ने उनका स्वागत किया।

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