'भारत के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा स्वदेशी पोत समुद्र प्रताप', बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गोवा शिपयार्ड में पहले स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत 'समुद्र प्रताप' का जलावतरण किया। उन्होंने कहा कि यह पोत भारत के आत्मवि ...और पढ़ें

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में स्वदेशी रूप से डिजाइन है समुद्र प्रताप (फोटो: राजनाथ सिंह)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पहले स्वदेशी प्रदूषण नियंत्रण पोत 'समुद्र प्रताप' की क्षमताओं का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ ¨सह ने कहा कि यह पोत भारत के आत्मविश्वास को बढ़ाएगा क्योंकि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता एक रणनीतिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा, 'हमारा मानना है कि समुद्री संसाधन किसी एक देश की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि मानवता की साझा विरासत हैं। और, जब विरासत साझा होती है तो उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी साझा होती है। यही कारण है कि भारत आज विश्व मंच पर शांति, स्थिरता और पर्यावरण संबंधी जिम्मेदारी के सिद्धांतों के साथ मजबूती से खड़ा है।'
सोमवार को रक्षा मंत्री ने गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं निर्मित भारतीय तटरक्षक बल के दो प्रदूषण नियंत्रण पोतों में से पहले पोत 'समुद्र प्रताप' का जलावतरण किया। उन्होंने कहा कि 4,200 टन वजनी, 114.5 मीटर लंबे और 22 समुद्री मील प्रति घंटा से ज्यादा गति वाले इस पोत के जलावतरण से हमारी ताकत बढ़ेगी और देश का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। यह पोत हमारे सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
आधुनिक अग्निशमन क्षमताओं से लैस है पोत
यह पोत उन्नत प्रदूषण पहचान प्रणालियों, प्रदूषण से निपटने के लिए विशेष नौकाओं और आधुनिक अग्निशमन क्षमताओं से लैस है। इसमें हेलीकाप्टर हैंगर और विमानन सहायता सुविधाएं भी हैं, जो इसकी पहुंच और प्रभावशीलता को काफी बढ़ा सकती हैं। राजनाथ ने विश्वास व्यक्त किया कि इन क्षमताओं के कारण यह पोत खराब समुद्री परिस्थितियों में भी स्थिर रूप से काम कर सकेगा, जिससे वास्तविक परिचालन में बहुत लाभ मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि तटरक्षक बल जिस तरह से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा है, उससे देश के शत्रुओं को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यदि वे भारत की समुद्री सीमाओं पर बुरी नजर डालने या किसी भी प्रकार का दुस्साहस करने का साहस करते हैं, तो उन्हें करारा और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि वैश्विक समुद्री अनिश्चितता के वर्तमान दौर में भारत ने बार-बार यह साबित किया है कि वह न केवल अपने हितों की रक्षा करता है, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति और स्थिरता को भी सुनिश्चित करता है।
यह दृष्टिकोण भारत को एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति बनाता है। समुद्र प्रताप को विशेष रूप से प्रदूषण नियंत्रण के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसकी भूमिका केवल इसी तक सीमित नहीं है। एक ही प्लेटफार्म में कई क्षमताओं को एकीकृत करने के कारण यह पोत तटीय गश्ती में प्रभावी साबित होगा और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा।
पहली बार 'समुद्र प्रताप' पर होंगी दो महिला अधिकारी
पहली बार इस पोत पर दो महिला अधिकारी होंगी। रक्षा मंत्री ने सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप समावेशी और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए तटरक्षक बल की सराहना करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि आज महिला अधिकारियों को पायलट, ऑब्जर्वर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, लॉजिस्टिक्स ऑफिसर और लॉ ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जा रहा है, साथ ही उन्हें होवरक्राफ्ट संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और अग्रिम मोर्चे पर सक्रिय रूप से तैनात किया जा रहा है।
आज महिलाएं न केवल सहायक भूमिका निभा रही हैं, बल्कि अग्रिम मोर्चे पर योद्धाओं के रूप में राष्ट्र की सेवा कर रही हैं। भारतीय तटरक्षक बल के समुद्र प्रताप में नियुक्त दोनों महिला अधिकारी भावी पीढि़यों के लिए आदर्श हैं। भारतीय तटरक्षक बल सभी के लिए अवसरों और विकास का स्त्रोत बना रहेगा।

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