यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'अदालत को ही धोखा दे रहे', पेंशन योजना लागू नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार को लगाई फटकार
शीर्ष अदालत ने एक मामले की सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई। दरअसल कोर्ट पंजाब में 1996 ...और पढ़ें

HighLights
- वकील को सरकार से निर्देश लेने का आदेश दिया
- मले की अगली सुनवाई एक अप्रैल तय की
- याचिका पर सुनवाई कर रही थी शीर्ष अदालत
एएनआई, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पंजाब में 1996 की पेंशन लाभ योजना को लागू करने में पंजाब सरकार की निष्क्रियता पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की। जस्टिस अभय एस. ओका और उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि अगर राज्य सरकार इस योजना को लागू करने में विफल रही तो अदालत खुद लाभार्थियों को मौद्रिक लाभ प्रदान करेगी।
कोर्ट ने कहा कि कई मौकों पर आश्वासन देने के बावजूद पंजाब सरकार इस संबंध में कार्रवाई करने में विफल रही है। जस्टिस ओका ने नाराजगी जताते हुए कहा, 'राज्य को इसका जवाब देना चाहिए। हम इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकते कि राज्य सरकारें अदालतों के साथ कैसा व्यवहार कर रही हैं।
1 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
अदालत ने कहा कि हम इस बात को दर्ज करेंगे कि राज्य के किसी भी अधिकारी पर भरोसा नहीं किया जा सकता। राज्य ने अदालत को धोखा दिया है। दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पंजाब की ओर से पेश वकील को प्रदेश सरकार से निर्देश लेने का आदेश दिया और मामले की अगली सुनवाई एक अप्रैल तय की।
शीर्ष अदालत ने इस वर्ष पांच मार्च को पंजाब के मुख्य सचिव को 1996 की पेंशन लाभ योजना को लागू करने में विफल रहने और इसे लागू करने की वचनबद्धता का उल्लंघन करने के लिए अवमानना नोटिस जारी किया था।
शीर्ष अदालत पंजाब प्राइवेटली मैनेज्ड एफिलिएटेड एंड पंजाब गवर्नमेंट एडेड कॉलेजेस पेंशनरी बेनिफिट्स स्कीम, 1996 को लागू नहीं करने को लेकर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
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