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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Preeti Sudan: 1983 बैच की IAS अधिकारी प्रीति सूदन बनीं यूपीएससी की नई चेयरपर्सन, ई-सिगरेट को कराया था बैन

By Agency Edited By: Nidhi Avinash
Published: Wed, 31 Jul 2024 11:01 AM (IST)Updated: Wed, 31 Jul 2024 11:17 AM (IST)

Who is Preeti Sudan पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन को सरकार ने नई जिम्मेदारी सौंपी है। सूदन को संघ ...और पढ़ें

यूपीएससी की नई चेयरपर्सन बनीं प्रीति सूदन (Image: ANI)
यूपीएससी की नई चेयरपर्सन बनीं प्रीति सूदन (Image: ANI)

HighLights

  1. यूपीएसएसी की नई अध्यक्ष बनीं प्रीति सूदन
  2. 1983 बैच की IAS अधिकारी हैं सूदन

एएनआई, नई दिल्ली। Preeti Sudan: संघ लोक सेवा आयोद (UPSC) ने अपने नए चेयरपर्सन के नाम की घोषणा कर दी है। 1983 बैच की IAS अधिकारी प्रीति सूदन (Preeti Sudan) को यूपीएसएसी का नया अध्यक्ष चुना गया है। वह 1 अगस्त से पदभार संभालेंगे। बता दें कि यूपीएससी के पूर्व चेयरमैन मनोज सोनी के इस्तीफा के देने के बाद से यह पद खाली पड़ा हुआ था। 

कौन हैं प्रीति सूदन?

2022 से UPSC की सदस्य रह चुकीं प्रीति ने पूर्व स्वास्थ्य सचिव का पद संभाला था। ट्रेनी IAS पूजा खेडकर विवाद सामने आने के बाद यूपीएसएससी के पूर्व चीफ महेश सोनी ने इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा देने का कारण उन्होंने निजी कारणों को बताया था।

29 अप्रैल, 2025 तक संभालेंगी पद

सरकार की ओर से 29 जुलाई को जारी किये गये आदेश में कहा गया है, ‘राष्ट्रपति ने यूपीएससी की सदस्य प्रीति सूदन की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है, जो एक अगस्त, 2024 से अगले आदेश तक या 29 अप्रैल, 2025 तक, जो भी पूर्व हो, यूपीएससी के अध्यक्ष के कर्तव्यों का निर्वहन करेंगी।’

1983 बैच की IAS सूदन

वर्ष 1983 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी सूदन जुलाई 2020 तक, तीन वर्षों तक केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव रहने के अलावा कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने मनोज सोनी का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया है जो 31 जुलाई से प्रभावी है। मनोज सोनी ने चार जुलाई को आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।

रक्षा मंत्रालय में भी काम कर चुकी हैं प्रीति

प्रीति ने खाद्य प्रसंस्करण और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन विभाग में काम किया है। इसके अलावा वह महिला और बाल विकास विभाग और रक्षा मंत्रालय में भी काम कर चुकी हैं।

बेटी बचाओ अभियान से लेकर ई-सिगरेट पर बैन 

सूदन ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से अर्थशास्त्र में एम.फिल. और सामाजिक नीति और योजना में एम.एससी. की डिग्री हासिल की है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और आयुष्मान भारत जैसे प्रमुख कार्यक्रम के पीछे प्रीति का योगदान है। उनकी वजह से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और ई-सिगरेट पर प्रतिबंध जैसे महत्वपूर्ण कानून बनाए गए।

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