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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'हिंद महासागर में छोटे देशों पर दादागिरी नहीं करते सकते बलशाली...', INS जलाश्व से रक्षा मंत्री राजनाथ ने चेतावनी दी

By Agency Edited By: Abhinav Atrey
Published: Fri, 14 Jun 2024 09:42 PM (IST)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना लगातार सशक्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके दूसरे ...और पढ़ें

रक्षा मंत्री ने आइएनएस जलाश्व का दौरा कर पूर्वी नौसैनिक कमान की तैयारी परखी। (फाइल फोटो)
रक्षा मंत्री ने आइएनएस जलाश्व का दौरा कर पूर्वी नौसैनिक कमान की तैयारी परखी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. रक्षा मंत्री ने INS जलाश्व का दौरा कर पूर्वी नौसैनिक कमान की तैयारी परखी
  2. भारत कभी भी हिंद महासागर क्षेत्र में 'मत्स्य न्याय' की अनुमति नहीं देगा
  3. भारतीय नौसेना लगातार बलशाली बनती जा रही- राजनाथ

आईएएनएस, नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय नौसेना लगातार सशक्त होती जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके दूसरे कार्यकाल में नौसेना को और सशक्त बनाने पर जोर होगा। साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में देश की नौसैनिक शक्ति की मौजूदगी को और प्रभावी व सशक्त बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत कभी भी हिंद महासागर क्षेत्र में 'मत्स्य न्याय' होने की अनुमति नहीं देगा। उनका कहना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत किसी बलशाली देश को किसी कमजोर को नुकसान नहीं पहुंचाने देगा।

भारतीय नौसेना लगातार बलशाली बनती जा रही- राजनाथ

रक्षा मंत्री ने अपने दूसरे कार्यकाल का प्रभार संभालने के बाद विशाखापत्तनम में पूर्वी नौसैनिक कमान की तैयारी की समीक्षा करते हुए शुक्रवार को आईएनएस जलाश्व का दौरा किया। उन्होंने कहा कि हम हिंद महासागर क्षेत्र को मत्स्य न्याय का क्षेत्र नहीं बनने देंगे, जहां बड़े देश छोटों पर दादागिरी करते हैं। भारतीय नौसेना लगातार बलशाली बनती जा रही है। बढ़ते औद्योगिक बुनियादी ढांचे, हमारे शिपयार्डों के विस्तार, बढ़ते युद्धपोतों से हमारी नौसेना उभरती हुई नई शक्तिशाली सेना बन गई है।

दूसरे कार्यकाल में भी प्रगति को रफ्तार देंगे

उन्होंने कहा कि वह अपने दूसरे कार्यकाल में भी इस प्रगति को रफ्तार देंगे। फिर चाहे हिमालय हो या हिंद महासागर हमारी प्राथमिकता निरंतर अपनी सीमाओं को और सुरक्षित करना है। उन्होंने आईएनएस जलाश्व पर पूरा एक दिन बिताने के दौरान कमांड के युद्धपोतों, पनडुब्बियों और विमानों के बहुआयामी आपरेशनों को समझा और तैयारियों की समीक्षा की।

चीफ ऑफ नेवल स्टाफ रहे मौजूद

इस दौरान उनके साथ पोत पर चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के.त्रिपाठी भी थे। उन्होंने नौसैनिक अधिकारियों और नाविकों से बातचीत करते हुए कहा कि हमारी नौसेना यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी देश ¨हद-प्रशांत महासागर में किसी देश का दमन न कर सके। आर्थिक ताकत या सैन्य ताकत के दम पर रणनीतिक स्वायत्तता के लिए खतरा न बन जाए।

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