नई दिल्‍ली [ जागरण स्‍पेशल ]। क्‍या आप जानते हैं कि अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले का सियासी लिंक क्‍या है। इस फसाद की जड़ में क्‍या है। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर आरोप-प्रत्‍यारोप क्‍यों लगाते हैं। यह फाइल खुलते ही भाजपा आक्रामक और कांग्रेस सुरक्षात्‍मक क्‍यों हो जाती है। आइए, हम आपको बताते हैं इसके फसाद की बड़ी वजह क्‍या है। साथ ही यह भी बताएंगे कि इटली की अदालत ने आरोपियों को पहले दोषी करार दिया फ‍िर बाद में बरी किया। इस मामले में सीबीआइ और इडी का क्‍या है स्‍टैंड। 
आखिर क्‍या है फसाद की जड़
दरअसल, अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में इटली की अदालत ने अपने फैसले में एक नाम का जिक्र किया, जिसका लिंक यहां के गांधी परिवार से जोड़ कर देखा गया। अदालत के फैसले के पेज नंबर-193 और 204 पर चार बार 'सिन्योरा गांधी' का नाम आया है। बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल का एक पत्र जांचकर्ताओं को मिला है, जिससे पता चलता है कि इस डील के पीछे 'सिन्योरा गांधी' मुख्य शक्ति रही हैं। इटालियन में सिन्योरा का मतलब श्रीमती होता है। आखिर ये 'सिन्योरा गांधी' कौन हैं । इस नाम को गांधी परिवार से जोड़कर देखा जाता रहा है। 2013 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल पर अगस्ता वेस्टलैंड से कमीशन लेने के आरोप लगे। इसे लेकर कांग्रेस और भाजपा में राजनीतिक तकरार बढ़ा है।

उधर, यह भी दावा किया जाता है कि सीबीआई को डेढ़ लाख पेज के दस्तावेज मिले थे। इन कागजातों से साफ होता है कि इस घोटाले के तहत भारत में नेताओं, सेना और रक्षा मंत्रालय के अफसरों और पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के परिवारवालों को घूस दी गई थी। भारत के शीर्ष अदालत ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर उन लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज करने का आदेश दिया है, जिनके नाम अगस्ता वेस्टलैंड मामले में इतालवी अदालत के फ़ैसले में हैं। तब से कांग्रेस के इतर पार्टियों ने 'सिन्योरा गांधी' नामक व्‍यक्ति की तलाश पर बल दिया है।
इटली की मिलान कोर्ट में सभी आरोपी दोषी
तीन वर्ष पूर्व अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले की सुनवाई इटली की निचली अदालत में शुरू हुई थी। दिसंबर, 2016 में अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड और फिनमैकनिका के पूर्व चीफ गिसेपी ओरसी, ब्रूनो स्पेगनोलिनी और बिचौलिए क्रिश्चन मिशेल समेत सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। इस मामले में वेस्टलैंड के पूर्व शीर्ष अधिकारियों गिसेपी ओरसी को साढ़े चार साल और ब्रूनो स्पेगनोलिनी को चार साल की सजा सुनाई गई थी। इटली की मिलान कोर्ट ऑफ अपील्स ने फैसले में माना था कि इस डील में भ्रष्टाचार हुआ था। कोर्ट ने 225 पेज का फैसला दिया था।
इटली के शीर्ष अदालत ने दोबारा सुनवाई का दिया आदेश, सभी आरोपी बरी
इसके बाद यह मामला इटली के सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। इटली की शीर्ष अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ दोबारा से सुनवाई का आदेश दिया था। इसके बाद इटली की मिलान कोर्ट में पुन: सुनवाई हुई और सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि साक्ष्‍यों के अभाव में सभी आरापियों को बरी किया जाता है। अदालत ने भारत के नुकसान होने के आरोप को भी दरकिनार कर दिया था। इस केस में इटली के अभियोजकों के पास फिर से अपील करने का अधिकार था, लेकिन अभी इटली के अधिकारियों की ओर से इस मामले में कुछ नहीं कहा गया।
सीबीआइ ने कहा उसके पास पुख्‍ता सबूत
हालांकि, इटली की अदालत के फैसले के बाद सीबीआइ ने कहा था कि उसके पास पुख्‍ता सबूत हैं और जांच जारी रहेगी। बता दें कि मिलान कोर्ट में भारत एक सिविल पार्टी के तौर पर शामिल हुआ था। इटली की कोर्ट ने इस केस में आरोपी रहे मिशेल और हश्के समेत तीनों बिचौलियों को भी बरी कर दिया गया था। भारत में ये आरोपी वांछित हैं। सीबीआई इस डील के सिलसिले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी समेत कई आरोपियों के खिलाफ जांच कर रही है। सीबीआई का दावा है कि उसके पास इस केस में पर्याप्त सबूत हैं।
क्‍या है ईडी का आरोप पत्र
ईडी ने अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में  पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी, उनके दो चचेरे भाइयों, वकील गौतम खेतान, दो इतालवी बिचौलियों और अगस्ता वेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमेकेनिका के खिलाफ पूरक आरोप-पत्र दाखिल किया था। ईडी ने अपने अपने आरोप-पत्र में कहा है कि कई विदेशी कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग किया गया, जिनका इस्तेमाल कथित कमीशन के तौर पर किया गया। इस मामले में पूर्व एयर चीफ एसपी त्यागी (72) को 2016 में गिरफ्तार किया गया था। त्यागी पर आरोप है कि उन्होंने 3,600 करोड़ रुपए की इस डील को इस तरह प्रभावित किया कि कॉन्ट्रैक्ट इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी को ही मिले।

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Posted By: Ramesh Mishra