Jayprakash Birth Anniversary: जयप्रकाश के आंदोलन से कई दिग्गज नेताओं के सियासी सफर की हुई थी शुरुआत
जेपी आंदोलन से छात्र नेता के तौर पर उभरे दिग्गज नेताओं में नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव शरद यादव और सुशील कुमार मोदी का नाम शामिल है। इस आंदोलन से छात्र नेता के तौर पर निकले इन नेताओं ने केंद्र में शीर्ष मुकाम हासिल किया।

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। बिहार के गांधी मैदान से 18 मार्च 1974 को जयप्रकाश नारायण की अगुवाई में छात्र आंदोलन की शुरुआत हुई थी, जो एक साल तक जारी रहा था। इस आंदोलन से बिहार व उत्तर प्रदेश के कई नेताओं का जन्म हुआ। वहीं रामविलास पासवान और मुलायम सिंह यादव जैसे कुछ नाम ऐसे हैं जो आंदोलन में शामिल तो नहीं हुए थे लेकिन इमरजेंसी के दौरान जेल जाने वालों में शामिल थे।
इस आंदोलन में छात्र नेता के तौर पर उभरे नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव, शरद यादव और सुशील कुमार मोदी का नाम शामिल हुआ। इस आंदोलन से छात्र नेता के तौर पर निकले नेताओं ने केंद्र में शीर्ष मुकाम हासिल किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से आने वाले सुशील मोदी इमरजेंसी के बाद वापस लौट गए। वहीं लालू प्रसाद, नीतीश कुमार व सुशील कुमार मोदी ने बिहार से केंद्र तक की राजनीति में अपना सिक्का जमाया।
आंदोलन में मुलायम सिंह यादव की भी रही भूमिका
लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के खिलाफ देश में आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इसमें मुलायम सिंह यादव की भी अहम भूमिका रही। साल 1975 को देश में इमरजेंसी लागू हुआ था, और मुलायम सिंह यादव को जेल जाना पड़ा था। सोमवार सुबह समाजवादी पार्टी के संरक्षक व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का निधन हो गया।
जेपी आंदोलन से शुरू हुआ था लालू-नीतीश का राजनीतिक सफर
लालू प्रसाद यादव की बात करें तो वे जयप्रकाश नारायण की अगुवाई वाले आंदोलन में शामिल हुए। इस आंदोलन के सबसे खास युवा नेता लालू प्रसाद ही थे। इमरजेंसी के बाद 1977 में आम चुनाव में उन्हें जनता पार्टी के टिकट पर छपरा से जीत हासिल हुई और वे 29 साल की उम्र में सांसद बन गए। जहां तक नीतीश कुमार की बात है तो 1974 मेa जेपी आंदोलन से ही उनके राजनीतिक सफर का आगाज हुआ। लालू प्रसाद की जनता पार्टी में नीतीश कुमार 1974 में शामिल हुए थे।
आंदोलन के लिए जयप्रकाश ने दिया था शरद यादव को न्यौता
मध्य प्रदेश में जबलपुर से चुनाव जीतने के बाद शरद यादव को सांसद बनाया गया था। जयप्रकाश नारायण ने उन्हें अपने आंदोलन में शामिल होने के लिए बुला भेजा था। जेपी आंदोलन में शामिल हुए सभी युवा नेताओं में सबसे प्रसिद्ध शरद यादव ही थे। 1977 में जयप्रकाश ने उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए प्रोत्साहित किया जिसके बाद वे चुनावी मैदान में उतरे और जीत हासिल की। 1978 में उन्हें लोकदल का महासचिव बनाया गया था।
इमरजेंसी के दौरान 19 माह तक जेल में रहे थे सुशील मोदी
भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता सुशील मोदी का सियासी सफर भी जयप्रकाश आंदोलन से ही शुरू हुआ था। पटना विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जब लालू प्रसाद यादव को बनाया गया था तभी सुशील मोदी इसके महासचिव बने थे। इमरजेंसी के दौरान सुशील मोदी ने 19 महीने तक जेल में सजा काटी थी।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।