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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ड्रोन हमले के बाद पीएम मोदी की हाईलेवल मीटिंग, सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए जल्द आएगी नई नीति

By Arun Kumar SinghEdited By:
Published: Tue, 29 Jun 2021 05:56 PM (IST)Updated: Wed, 30 Jun 2021 07:04 AM (IST)

पीएम नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल के साथ उच्च ...और पढ़ें

अतिसंवेदनशील जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से हमला किए जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी
अतिसंवेदनशील जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन से हमला किए जाने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, प्रेट्र। जम्मू में एयर फोर्स बेस पर ड्रोन हमले के मद्देनजर मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ हुई बैठक में देश के सामने उभरते सुरक्षा खतरों और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक आधार वाली नीति तैयार करने पर जोर दिया गया। यह जानकारी इस मामले से जुड़े लोगों ने दी।

विभिन्न मंत्रालय और विभाग इस नीति पर कर रहे हैं काम

ड्रोन हमले के दो दिन बाद हुई इस अहम बैठक के बारे में बैठक में शामिल एक व्यक्ति ने कहा कि सरकार उभरती चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटने के लिए जल्द ही एक नीति लेकर आ रही है। देश के सामने उभर रही नई और गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए विभिन्न मंत्रालय और विभाग इस नीति पर काम कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाएं, सभी प्रमुख हितधारकों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय करके नीति के निर्माण के साथ-साथ इसके कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

कई पहलुओं पर हुई चर्चा

यह भी पता चला है कि तीनों सेनाओं को ड्रोन हमलों जैसी नए जमाने की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए आवश्यक हार्डवेयर की खरीद के लिए दिक्कतों को दूर करने के लिए कहा जा रहा है। बैठक में कई अन्य पहलुओं पर चर्चा हुई। सुरक्षा बलों को आधुनिक उपकरणों से लैस करने, क्षेत्र में अधिक युवाओं, स्टार्ट-अप और रणनीतिक समुदाय को शामिल करने पर भी विचार विमर्श हुआ।

ड्रोनरोधी तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया

सेना पहले से ही भविष्य की चुनौतियों से निपटने के प्रयासों के तहत आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस, कागनिटिव साइंस (मस्तिष्क अध्ययन) रोबोटिक्स, ड्रोन, क्वांटम कंप्यूटिंग, नैनो तकनीक और साइबर क्षमताओं को शामिल करने पर काम कर रही है। जानकारों ने कहा कि नीति पर काम को गति देने के लिए तीनों सेवाओं के साथ-साथ प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों की अगले कुछ हफ्तों और महीनों में कई बैठकें होंगी। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं को पहले ही मानव रहित विमानों के हमलों से निपटने के लिए ड्रोनरोधी तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा गया है।

संयुक्त राष्ट्र सभा में उठा ड्रोन हमले का मामला

जम्मू-कश्मीर में आर्मी बेस पर ड्रोन हमले की साजिश का मसला भारत ने संयुक्त राष्ट्र सभा में भी जोर-शोर से उठाया है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि सामरिक और वाणिज्यिक संपत्तियों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए हथियारबंद ड्रोन के इस्तेमाल की संभावना पर वैश्विक समुदाय को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

सुरक्षा बलों की जबरदस्त कार्रवाई

जम्मू कश्मीर में मंगलवार को सुरक्षा बल ने हमले की एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। सोमवार शाम से देर रात तक चली मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबरार को मार गिराया। मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकी भी मारा गया। सुरक्षा बल के कई जवानों और नागरिकों की हत्या के मामले में अबरार शामिल था। हालांकि, उसके साथ मारे गए पाकिस्तानी आतंकी की पहचान नहीं हो पाई है।