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    विकास और विश्वास से ही सुधरेंगे रिश्ते... विदेश मंत्रालय ने बताया पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति में क्या हुई बात

    Updated: Sun, 31 Aug 2025 03:52 PM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा के दौरान SCO शिखर सम्मेलन पर सबकी नजरें टिकी थीं। विदेश मंत्रालय के अनुसार पीएम मोदी और शी चिनफिंग के बीच 50 मिनट की द्विपक्षीय वार्ता हुई जिसमें दोनों देशों ने रिश्ते मजबूत करने पर सहमति जताई। नेताओं ने टकराव की बजाय विकास पर जोर दिया है जिससे भारत और चीन के रिश्ते बेहतर हो सकें।

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    चीन में पीएम मोदी और शी चिनफिंग की बैठक। फोटो- पीटीआई

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के दौरे पर हैं। इस दौरान पूरी दुनिया की नजरें चीन में होने वाले SCO शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ड्रैगन और हाथी के एकजुट होने की अपील की है। इसी बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी करते हुए पीएम मोदी और शी चिनफिंग के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा पेश किया है।

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    चीन दौरे पर पीएम मोदी और शी चिनफिंग के बीच 50 मिनट की द्विपक्षीय वार्ता देखने को मिली। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने विकास और विश्वास से रिश्ते मजबूत करने पर सहमति दर्ज की है।

    विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान

    विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों नेताओं ने टकराव की बजाए विकास पर जोर दिया है, जिससे भारत और चीन के रिश्ते बेहतर हो सके। दोनों देश आपसी सम्मान और एक-दूसरे के हितों को ध्यान में रखते हुए विकास पर फोकस करेंगे, जिससे 2.8 अरब लोगों का भविष्य जुड़ा है।

    सीमा विवाद पर हुई बात

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी ने सीमा के आसपास शांति बरकरार रखने की अहमियत को भी हाईलाइट किया है। पिछले साल कजान में हुए समझौते के बाद भारत-चीन सीमा पर शांति बहाल की गई थी। वहीं, इस मुलाकात में दोनों देशों ने लंबे समय के हितों को ध्यान में रखते हुए सीमा विवाद हल करने पर जोर दिया है।

    भारत-चीन के रिश्ते सुधरे

    दोनों देशों के बीच हवाई जहाज फिर से उड़ान भरने लगे हैं, वीजा सेवा भी बहाल कर दी गई है, कैलाश मानसरोवर यात्रा भी शुरू हो गई है, साथ ही पर्यटकों को भी वीजा मिलने लगा है। दोनों देशों का मानना है कि भारत-चीन की मजबूत अर्थव्यस्था और व्यापार संबंध से दुनिया भर की अर्थव्यवस्था को स्थिर किया जा सकता है। दोनों देशों ने व्यापार घाटे को कम करके द्विपक्षीय व्यापार मजबूत करने और निवेश बढ़ाने पर भी बात की है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत और चीन रणनीतिक स्वायत्तता के पक्षधर हैं और इसमें तीसरे किसी को दखल देने का अधिकार नहीं है। दोनों नेताओं ने अलग-अलग मंचों पर आतंकवाद और निष्पक्ष व्यापार जैसे द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों को उठाने पर जोर दिया है।

    पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति को भारत बुलाया

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को 2026 के ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया है। वहीं, शी चिनफिंग ने भी इस निमंत्रण के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए उन्हें ब्रिक्स की अध्यक्षता में हर संभव सहयोग देने की बात कही है।

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