नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। भारत आज अपना 74वां गणतंत्र दिवस समारोह मना रहा है। यह गणतंत्र दिवस बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि यह आजादी के अमृत महोत्सव के बीच मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 74वें गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत करने पहुंचे। कर्तव्य पथ पर पहुंचने से पहले पीएम मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक गए जहां उन्होंने देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस व तीनों सेनाओं के प्रमुख ने पीएम मोदी का स्वागत किया था। यहां पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पीएम मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की डिजिटल विजिटर्स बुक में अपने विचार लिखें। पीएम मोदी ने कहा कि इस साल का गणतंत्र दिवस और भी खास है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, "इस बार का यह अवसर इसलिए भी विशेष है, क्योंकि इसे हम आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान मना रहे हैं। देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को साकार करने के लिए हम एकजुट होकर आगे बढ़ें, यही कामना है।"

राजस्थानी पगड़ी में नजर आए पीएम मोदी

गणतंत्र दिवस के मौके पर पीएम मोदी का साफा और पगड़ी आकर्षण का केन्द्र होता है। इस साल पीएम मोदी ने बेहद ही खूबसूरत लाल और पीले रंग की पगड़ी पहनी है। इसमें हरे और लाल रंग का प्रिंट भी है, यह एक राजस्थानी पगड़ी है। इसके साथ ही उन्होंने क्रीम रंग का चूड़ीदार कुर्ता-पजामा और ब्लैक ब्लेजर पहना है। जैसा कि आज बसंत पंचमी भी है तो माना जा रहा है इसको ध्यान में रखते हुए पीएम मोदी ने इस पगड़ी को चुना होगा। आपको बता दें, पिछले साल पीएम मोदी की पोशाक में उत्तराखंड और मणिपुर का एक झलक थी। उन्होंने उत्तराखंड की ब्रह्मकमल टोपी पहनी थी और मणिपुर से लीरुम स्टॉल ली थी।

मिस्त्र के सैन्य दल ने लिया परेड में हिस्सा

बताया जा रहा है आज की परेड लगभग डेढ़ घंटे की होगी जिसमें कुल आठ सैन्य दस्ते होंगे। सेना की ओर से एक मेकेनाइज्ड इन्फैंट्री, डोगरा रेजिमेंट, पंजाब रेजिमेंट, मराठा लाइट इन्फैंट्री, बिहार रेजिमेंट और गोरखा बिग्रेड शामिल हैं। एक-एक दस्ता वायुसेना व नौसेना का होगा। बीएसएफ का एक कैमल बैंड भी परेड में दिखेगा। इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर मिस्त्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए हैं। आज परेड में मिस्र के सैन्य दल ने भी हिस्सा लिया है जिसका नेतृत्व कर्नल महमूद मोहम्मद ने किया है।

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Edited By: Shalini Kumari

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