Liz Truss के इस्तीफे के बाद ब्रिटेन के साथ FTA पर भारत की नजर, पीयूष गोयल बोले- हम इंतजार करेंगे
Piyush Goyal on FTA ब्रिटेन की पीएम लिज ट्रस से इस्तीफे के बाद भारत की नजरें मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रिटेन के साथ एफटीए पर बातचीत अच्छे तरीके से चल रही है। हम इंतजार कर रहे हैं। (फाइल फोटो)
नई दिल्ली, एजेंसी। ब्रिटेन की पीएम लिज ट्रस (Liz Truss) ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस के इस्तीफे के बाद भारत की नजरें ब्रिटेन के साथ होने जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हैं। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि ब्रिटेन के साथ एफटीए पर बातचीत अच्छी तरह से ट्रैक पर है। हम इंतजार करेंगे और देखेंगे।
हम इंतजार करेंगे- पीयूष गोयल
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि भारत ब्रिटेन में नए नेतृत्व का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि क्या वहां जल्द ही नेतृत्व बदल रहा है। हमें देखना होगा कि ब्रिटेन की सरकार में अब कौन आता है और वो इसको लेकर क्या सोचते हैं। इसके बाद ही हम ब्रिटेन के साथ रणनीति तैयार कर पाएंगे।'
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के राष्ट्रीय निर्यात शिखर सम्मेलन के मौके पर पीयूष गोयल ने कहा, 'ब्रिटेन में के राजनेताओं और व्यवसायों का भी मानना है कि भारत के साथ एफटीए करना बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन मुझे विश्वास है कि ब्रिटेन, कनाडा, ईयू के साथ हमारा एफटीए जरूर होगा। बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।'
ट्रस को थी दिवाली तक FTA समझौता होने की उम्मीद
ब्रिटेन की पीएम बनने के बाद ट्रस ने उम्मीद जताई थी कि दिवाली तक इस समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। दोनों देशों के बीच एफटीए को लेकर आधिकारिक स्तर पर कई बार वार्ता भी हुई।
दो महीने से कम समय तक पीएम रहीं Liz Truss
बता दें कि लिज ट्रस ने गुरुवार को ब्रिटेन की पीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। वो दो महीने से भी कम समय तक इस पद पर रहीं। इस्तीफा देते वक्त उन्होंने कहा कि वह जनता से किए वो वादे पूरे नहीं कर सकती, जिनको पूरा करने के लिए उन्हें चुना गया था।
ट्रस ने कहा, 'मैं ऐसे समय में पीएम बनी जब देश में बड़ी आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता थी। कई परिवार और बिजनेस अपने बिलों के भुगतान को लेकर चिंतित थे।' ट्रस ने कहा कि यूक्रेन में पुतिन के अवैध युद्ध से पूरे महाद्वीप की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। वैसे ही हमारा देश कम आर्थिक विकास के कारण बहुत पीछे है।
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