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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल जल्द होगा सस्ता, कीमतों में होगी भारी कटौती? सरकार का आ गया बड़ा बयान

Published: Thu, 17 Jul 2025 08:00 PM (IST)

Petrol Diesel Price पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार यदि वैश्विक परिस्थितियाँ स्थिर रहती हैं और ...और पढ़ें

Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल जल्द होगा सस्ता, कीमतों में होगी भारी कटौती?
Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल जल्द होगा सस्ता, कीमतों में होगी भारी कटौती?

HighLights

  1. पुरी ने अमेरिका की तरफ से भारत पर रूस से तेल खरीदने के बढ़ते दबाव को दरकिनार किया
  2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति की कोई कमी नहीं, फिलहाल कई नए विक्रेता बाजार में: पुरी
  3. पुरी- हम जरूरत के मुताबिक जहां एनर्जी उपलब्ध होती है, वहां से खरीद रहे हैं और आगे भी खरीदेंगे

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। (Petrol Diesel Price) पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि अगर मौजूदा वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे और कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा 65 डॉलर के आसपास बनी रहीं तो तीन-चार महीनों में देश में पेट्रोलियम उत्पादों की खुदरा कीमतों में कमी आ सकती है।

देश में हाइड्रोकार्बन क्षेत्र पर आयोजित सबसे बड़े सेमिनार 'ऊर्जा वार्ता-2025' को संबोधित करते हुए पुरी ने कहा कि सरकारी क्षेत्र की सभी तेल कंपनियों के पास 21 दिनों का भंडार है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत 67 डॉलर प्रति बैरल रहीं।

अमेरिका का दवाब दरकिनार

वैश्विक स्तर पर भारी अनिश्चितता के बावजूद भारत में कमोवेश पिछले साढ़े तीन वर्षों में पेट्रोल, डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रही हैं। पेट्रोलियम मंत्री ने अमेरिका की तरफ से भारत पर रूस से तेल खरीदने के बढ़ते दबाव को दरकिनार किया है।

भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार

उन्होंने कहा कि हम अपनी जरूरत के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में जहां एनर्जी उपलब्ध होती है, वहां से खरीद रहे हैं और आगे भी ऐसा किया जाएगा। जहां तक किसी एक देश से तेल खरीदने की बात है तो अभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कच्चे तेल के पर्याप्त विक्रेता है और भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार भी है।

रूस मुख्य आपूर्तिकर्ता बना हुआ

उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है और इसे रिफाइनरियों में पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदला जाता है। परंपरागत तौर पर पश्चिम एशिया मुख्य स्त्रोता था, लेकिन रूस लगभग तीन सालों से मुख्य आपूर्तिकर्ता बना हुआ है।

भारी छूट की पेशकश शुरू

फरवरी, 2022 में मास्को द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पश्चिम के अधिकांश देशों ने रूसी कच्चे तेल से दूरी बना ली। रूस ने वैकल्पिक खरीदारों को आकर्षित करने के लिए भारी छूट की पेशकश शुरू कर दी। भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों ने इस अवसर का फायदा उठाया और रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल का आपूर्तिकर्ता बन गया। अब भारत के तेल आयात में रूस का हिस्सा 40 प्रतिशत तक है।

फिलहाल 40 देशों से खरीद रहे कच्चा तेल

पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, 'वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। कई नए तेल विक्रेता आ गए हैं। गुयाना, अर्जेंटीना, ब्राजील जैसे गैर-पारंपरिक देशों से भारत ज्यादा तेल की खरीद कर रहा है। दूसरे पश्चिमी क्षेत्रों से भी तेल की आपूर्ति बढ़ रही है। हम पहले जिन 27 देशों से तेल खरीदते थे, अब उनकी संख्या लगभग 40 देशों तक पहुंच गई है। पिछले छह महीने में वैश्विक स्तर पर काफी ज्यादा अस्थिरता होने के बावजूद कीमतों में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ। मुझे लगता है कि आने वाले समय में कीमतें 65-70 डॉलर प्रति बैरल के बीच में ही रहेंगी।'

रूस से तेल खरीदने पर अगर अमेरिका किसी तरह का भारी-भरकम शुल्क लगाता है तो हम उसी आपूर्ति ढांचे पर लौट जाएंगे जो यूक्रेन संकट से पहले अपनाया गया था। उस समय भारत को रूसी तेल की आपूर्ति दो प्रतिशत से भी कम थी।

-एएस साहनी, इंडियन आयल कारपोरेशन

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