Parliament LIVE: राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा, केंद्रीय मंत्री रिजिजू बोले- जिस विषय पर चर्चा हो रही है उसी पर बोलें
Vande Mataram Lok Sabha Discussion Live: राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर संसद में विशेष चर्चा का आयोजन किया जा रहा है। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने चर्चा की शुरुआत की। आज राज्यसभा में चर्चा हो रही है

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी Live
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। Parliament Winter session Day 6 LIVE: राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर संसद में चर्चा हो रही है। सोमवार को सबसे पहले चर्चा की शुरुआत लोकसभा में हुई। पीएम मोदी ने वंदे मातरम पर लोकसभा में अपना संबोधन दिया। इसके बाद आज राज्यसभा में चर्चा हो रही है। पढ़ें पल-पल की अपडेट...
राहुल गांधी के भाषण के दौरान भिड़े पक्ष-विपक्ष
लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि खादी देश के लोगों की भावना है। कपड़ा अलग-अलग धागों से बनता है, हमारा देश भी 150 करोड़ लोगों से बना है। हालांकि राहुल गांधी के भाषण के दौरान पक्ष और विपक्ष में जमकर हंगामा हुआ। दरअसल, राहुल गांधी ने भाजपा पर संवैधानिक संस्थानों को कमजोर करने का आरोप लगया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यूनिवर्सिटी में वाइस चांसलर किसे चुना जा रहा, सबको पता है। राहुल गांधी के भाषण पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि जिन मुद्दों पर संसद में चर्चा हो रही है नेता प्रतिपक्ष को उसी पर बोलना चाहिए।
खरगे का पलटवार
खरगे ने कहा कि वंदे मातरम पर चर्चा देश की समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए है।
...तो देश का विभाजन भी नहीं होता: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारी समृद्धि, हमारी सुरक्षा, ज्ञान-विज्ञान सब भारत माता की ही कृपा हैं। इतना बड़ा संकल्प बंकिम बाबू ने रखा। दुर्गा की वीरता, लक्ष्मी की सम्पन्नता और सरस्वती की मेधा, यह हमारी मिट्टी ही दे सकती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वंदे मातरम की स्वर्ण जयंती जब हुई, तब जवाहरलाल नेहरू जी ने इसके दो टुकड़े कर इसे दो अंतरों तक सीमित कर दिया। वहीं से तुष्टीकरण की शुरुआत हुई। अगर वंदे मातरम के दो टुकड़े कर तुष्टीकरण की शुरुआत नहीं हुई होती तो देश का विभाजन भी नहीं होता।
वंदे मातरम भारत के पुनर्निर्माण का मंत्र बनेगा: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री वंदे मातरम पर कहा कि श्री अरविन्द ने कहा था कि वदे मातरम भारत के पुनर्जन्म का मंत्र है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को ऐसे मंत्र की आवश्यकता थी, और उसे प्रकट करने के लिए ही बंकिम बाबू को ईश्वर ने इस धरती पर भेजा था। दुनिया में कई देशों की सीमाएं अधिनियमों ने तय की हैं, पर हमारे देश की सीमाओं को हमारी संस्कृति ने बुना है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को स्थापित करने का काम आजदी के आंदोलन के दिनों में बंकिम बाबू ने किया। वंदे मातरम पर लगे कई प्रतिबंधों के बाद बंकिम बाबू ने कहा था कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है यदि मेरी सारी रचनाएं गंगा में बहा दी जाएं, पर वंदे मातरम का यह मंत्र अनंत काल तक जीवित रहेगा और भारत के पुनर्निर्माण का यह मंत्र बनेगा।
वंदे मातरम मन को छू गया और कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैल गया: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम की पृष्ठभूमि में सदियों तक इस्लामिक आक्रमण झेलकर इस देश की संस्कृति को क्षीण करने, अंग्रेजों द्वारा एक नई सभ्यता और संस्कृति थोपने का प्रयास का प्रतिकार था, जिसके बाद बंकिम बाबू ने इसकी रचना की। इसके माध्यम से बंकिम बाबू ने हमारी संस्कृति, देश को माता मानकर उसकी आराधना करने की परंपरा, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को प्रतिष्ठित किया। सारे प्रतिबंधों को पार कर, अत्याचार और अनेक प्रताड़नाएं झेलकर भी वंदे मातरम देशवासियों के मन को छू गया और कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैल गया।
राज्यसभा से गृह मंत्री अमित शाह Live
वंदे मातरम पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम पर चर्चा की जरूरत वंदे मातरम् जब बनी तब भी थी, आजादी के आंदोलन में भी थी, आज भी है और 2047 में जब महान भारत बनेगा तब भी रहेगी। यह अमर कृति मां भारती के प्रति कर्तव्य और समर्पण का भाव जगाने वाली कृति है। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि दुनिया भर में जहां भी आज़ादी के दीवाने थे, वे हर बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् के गान से करते थे, और आज जब सीमा पर वीर जवान अपना सर्वोच्च बलिदान देते हैं, तब उनकी ज़ुबान पर एक ही शब्द होता है-वंदे मातरम।
'वंदे मातरम' को लेकर राजनाथ सिंह का विपक्ष पर निशाना
सदन में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथा सिंह ने कहा, "इस वर्ष भारत के राष्ट्रीय गीत, वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह वंदे मातरम भारत के इतिहास, वर्तमान और भविष्य के साथ जुड़ा हुआ है। इस वंदे मातरम ने, ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ने में, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को बहुत बल दिया था। वंदे मातरम वह गीत है, जिसके कारण सदियों से सोया हुआ देश जाग उठा था। वह गीत आधी शताब्दी तक स्वतंत्रता-संग्राम का प्रेरक बना रहा। वह गीत जिसकी आवाज इंगलिश चैनल पार कर, ब्रिटिश पार्लियामेंट तक पहुंच गयी थी"
लोकसभा में प्रियंका गांधी ने BJP के सवालों का दिया जवाब
लोकसभा में वंदे मातरम को लेकर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पर बहस इसलिए हो रही है, क्योंकि बंगाल में चुनाव होने वाले हैं। उन्होंने पीएम मोदी पर पलटवार करते हुए कहा कि वंदे मातरम को लेकर हो रही बहस की क्रोनोलॉजी को समझना जरूरी है।
वंदे मातरम केवल गाने के लिए नहीं बल्कि निभाने के लिए हो: अखिलेश यादव
लोकसभा में 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि वंदे मातरम ने देश को एक किया और आजादी की लड़ाई में जान डाली। सत्ता पक्ष हमेशा सब कुछ अपना बनाना चाहता है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को अंग्रेजों ने बैन भी कर दिया था, उसके बाद भी हमारे क्रांतिकारी लोग माने नहीं, वंदे मातरम को उन्होंने हमेशा दिल और दिमाग में रखा। स्वदेशी आंदोलन में भी हम लोग इसी गाने के सहारे चले। सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि वंदे मातरम केवल गाने के लिए नहीं बल्कि निभाने के लिए हो।
पंडित नेहरू के योगदान पर काला दाग नहीं लगा पाएंगे: गौरव गोगोई
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने चर्चा में हिस्सा लिया। गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी विषय पर बोलने के समय पंडित नेहरू जी और कांग्रेस का नाम कितनी बार लेते हैं। इसकी बानगी आज देश को बता रहा हूं। ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान- पंडित नेहरू जी का नाम 14 बार और कांग्रेस का नाम 50 बार। संविधान की 75वीं वर्षगांठ- पंडित नेहरू जी का नाम 10 बार और कांग्रेस का नाम 26 बार। 2022 में राष्ट्रपति अभिभाषण- पंडित नेहरू जी का नाम 15 बार। 2020 में राष्ट्रपति अभिभाषण- पंडित नेहरू जी का नाम 20 बार। गौरव गोगोई ने कहा कि मैं बड़ी विनम्रता से नरेंद्र मोदी जी और उनके पूरे सिस्टम से कहना चाहता हूं, आप जितनी भी कोशिश कर लें- पंडित नेहरू के योगदान पर एक भी काला दाग नहीं लगा पाएंगे।।
Vande Mataram Discussion LIVE: पीएम बोले- वंदे मातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा
पीएम ने कहा, 'अंग्रेज समझ चुके थे कि 1857 के बाद भारत में लंबे समय तक टिक पाना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है। जिस प्रकार के सपने लेकर वे आए थे, उन्हें यह साफ दिखने लगा कि जब तक भारत को बांटा नहीं जाएगा, लोगों को आपस में लड़ाया नहीं जाएगा, तब तक यहां राज करना कठिन है। तब अंग्रेज़ों ने ‘बांटो और राज करो’ का रास्ता चुना, और उन्होंने बंगाल को इसकी प्रयोगशाला बनाया। अंग्रेजों ने 1905 में बंगाल का विभाजन किया, तो वंदे मातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा। यह नारा गली–गली का स्वर बन गया। अंग्रेजों ने बंगाल विभाजन के माध्यम से भारत को कमजोर करने की दिशा पकड़ ली थी, लेकिन वंदे मातरम् अंग्रेजों के लिए चुनौती और देश के लिए शक्ति की चट्टान बनता गया। बंगाल की एकता के लिए वंदे मातरम् गली–गली का नारा बन गया था, और यही नारा बंगाल को प्रेरणा देता था।'
Vande Mataram Discussion: पीएम बोले- ऐसा भाव-काव्य शायद दुनिया में कहीं उपलब्ध नहीं होगा
पीएम मोदी ने कहा, 'वंदे मातरम् का जो जन–जन से जुड़ाव था, वह हमारे स्वतंत्रता संग्राम की एक लंबी गाथा की अभिव्यक्ति बन जाता है। जब भी किसी नदी की चर्चा होती है, तो उस नदी के साथ एक सांस्कृतिक धारा-प्रवाह, एक विकास-यात्रा की धारा-प्रवाह, एक जन–जीवन की धारा-प्रवाह स्वतः जुड़ जाती है। लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि आजादी की जंग की पूरी यात्रा वंदे मातरम् की भावनाओं से होकर गुजरती थी? ऐसा भाव-काव्य शायद दुनिया में कहीं उपलब्ध नहीं होगा।'
पीएम ने आपातकाल का किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा, 'वंदे मातरम् की 150 वर्ष की यात्रा अनेक पड़ावों से गुजरी है, लेकिन जब वंदे मातरम् के 50 वर्ष हुए, तब देश गुलामी में जीने के लिए मजबूर था। जब वंदे मातरम् के 100 वर्ष हुए, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था, और जब वंदे मातरम् का अत्यंत उत्तम पर्व होना चाहिए था, तब भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था। जब वंदे मातरम् के 100 वर्ष हुए, तब देशभक्ति के लिए जीने-मरने वाले लोगों को जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। जिस वंदे मातरम् के गीत ने देश को आजादी की ऊर्जा दी थी, उसके 100 वर्ष पूरे होने पर हमारे इतिहास का एक काला कालखंड दुर्भाग्य से उजागर हो गया।'
पीएम बोले- हम सभी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी
वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा, 'जिस मंत्र ने, जिस जयघोष ने देश के आज़ादी के आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी थी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया था, उस वंदे मातरम् का पुण्य स्मरण करना इस सदन में हम सबका बहुत बड़ा सौभाग्य है। हमारे लिए यह गर्व की बात है कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और हम सभी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं।'
यह भी पढ़ें: 200 छात्रों पर अंग्रेजों ने ठोका था 5-5 रुपये का जुर्माना, गीत से राष्ट्रगीत बनने की 'वंदे मातरम्' की अनोखी कहानी
यह भी पढ़ें: एक तुगलकी फरमान के जवाब में लिखा गया था वंदे मातरम, पढ़ें 150 साल पुराने इस गीत का सुनहरा इतिहास
पीएम मोदी लोकसभा पहुंचे
वंदे मातरम पर चर्चा में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी लोकसभा पहुंच चुके हैं। थोड़ी देर में चर्चा की शुरुआत होगी।
लोकसभा में प्रश्नकाल की शुरुआत
लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। नियमों के मुताबिक, पहले प्रश्नकाल होता है। दोपहर करीब 12 बजे पीएम मोदी के संबोधन से वंदे मातरम पर चर्चा की शुरुआत होगी।
गिरिराज सिंह ने कहा- कुछ लोग वंदे मातरम नहीं मानते
भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने कहा, 'कुछ लोग वंदे मातरम में यकीन नहीं रखते, लेकिन बाबरी मस्जिद पर रखते हैं। यह हुमायूं कबीर ने नहीं, बल्कि ममता बनर्जी ने करवाया है। यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया है और अब ममता बनर्जी को इसके नतीजे भुगतने होंगे।'
#WATCH | Over discussion on 'Vande Mataram' in Lok Sabha today, BJP MP Giriraj Singh says, "Some people don't believe in 'Vande Mataram', but they believe in Babri Masjid..Not Humayun Kabir, but Mamata Banerjee has got it done (laid the foundation stone of mosque 'Babri Masjid'… pic.twitter.com/MMTmyHSIVK
— ANI (@ANI) December 8, 2025
शहजाद पूनावाला बोले- नेहरू वंदे मातरम के खिलाफ थे
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने संसद में वंदे मातरम पर होने वाली चर्चा को लेकर कहा, 'पूरा देश दोनों सदनों में एक ऐतिहासिक पल देखेगा। यह सिर्फ एक गीत नहीं है, बल्कि एक ऐसी पुकार है जिसने करोड़ों भारतीयों को ब्रिटिश राज, गुलामी, हमलावरों के खिलाफ उनकी लड़ाई में एकजुट किया। नेहरू जी इस गाने के खिलाफ थे। तुष्टीकरण और वोट बैंक को प्राथमिकता देते हुए, उन्होंने इसके खिलाफ एक अभियान शुरू किया और कहा कि इसमें सांप्रदायिक रंग है।'
#WATCH | Delhi | On Lok Sabha to hold special discussion on 150 years of Vande Mataram, BJP spokesperson Shehzad Poonawalla says, "The entire nation will witness a historic moment in both Houses where glorious tribute will be paid to Vande Mataram... It is not just a song, but a… pic.twitter.com/a32QybTTig
— ANI (@ANI) December 8, 2025
