पान मसाला निर्माताओं को नए कानून के तहत कराना होगा पंजीकरण, सरकार ने दी डेडलाइन
पान मसाला निर्माताओं को 1 फरवरी से स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर कानून के तहत पंजीकरण कराना होगा। वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह कानून 1 फरवरी से ...और पढ़ें

एक फरवरी से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पान मसाला निर्माताओं को स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर कानून के तहत एक फरवरी से पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। संसद ने हाल ही में इस कानून को पारित किया है। तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर लगाने के प्रविधान वाला यह कानून एक फरवरी से लागू होगा।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, जिन निर्माताओं के पास एक से अधिक फैक्टरियों में मशीनें हैं। उन्हें प्रत्येक फैक्ट्री के लिए अलग- अलग पंजीकरण कराना होगा। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी सामान्य प्रश्नों (एफएक्यू) में बताया गया है कि इस कानून के लागू होने पर तुरंत यानी एक फरवरी को पंजीकरण के लिए आवेदन करना होगा। चूंकि उपकर का भुगतान करने की जिम्मेदारी उसी दिन से शुरू होती है, निर्माताओं को जल्द से जल्द पोर्टल पर पंजीकरण आवेदन करना चाहिए।
निर्माताओं को ऑटोमेशन आफ सेंट्रल एक्साइज एंड सर्विस टैक्स (एसीईएस) पोर्टल पर आवेदन करना होगा। पंजीकरण के अनुमोदन के सात दिनों के भीतर एसीईएस पोर्टल पर घोषणा पत्र दाखिल करना होगा। इस घोषणा पत्र में मशीनों के पैरामीटर (अधिकतम रेटेड स्पीड आदि) को स्पष्ट करना आवश्यक है, जो उपकर की गणना के लिए प्रासंगिक हैं। टैक्स आफिसर प्रारंभिक घोषणा पत्र दाखिल करने के 90 दिनों के भीतर फैक्ट्री और मशीनों की भौतिक सत्यापन करेंगे।
अगर टैक्स ऑफिसर सात कार्य दिवसों के भीतर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो आवेदन को स्वीकृत माना जाएगा। ऐसे निर्माता पंजीकरण आवेदन करने के बाद अस्थायी पंजीकरण संख्या प्राप्त करने के बाद उपकर का भुगतान कर सकेंगे। उपकर हर कर योग्य व्यक्ति को प्रत्येक महीने की शुरुआत में, लेकिन उस महीने की सात तारीख से पहले जमा करना होगा। ऐसा न करने पर कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
पान मसाला निर्माताओं को सभी पैकिंग मशीनों और मैनुअल प्रक्रिया इकाइयों को कवर करने के लिए सीसीटीवी प्रणाली स्थापित करनी होगी। फुटेज को 24 महीनों के लिए संरक्षित करना होगा और अधिकारियों के अनुरोध पर 48 घंटों के भीतर उपलब्ध कराना होगा। एफएक्यू के अनुसार नए आवेदकों के लिए जो एक फरवरी, 2026 को पहले से ही मशीनों के मालिक या नियंत्रक हैं, उपकर का भुगतान पोर्टल पर अस्थायी पंजीकरण संख्या का उपयोग करके किया जा सकता है, भले ही पंजीकरण प्रमाण पत्र (जो सात कार्य दिवसों के भीतर जारी किया जाएगा) की प्रक्रिया चल रही हो।
वित्त मंत्रालय ने एक जनवरी को स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम के तहत नियमों की अधिसूचना जारी की थी। इसके अनुसार पान मसाला निर्माताओं को उनकी उत्पादन क्षमता पर उपकर का भुगतान करना होगा। यह टैक्स पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इसी तरह के उत्पादों पर लगने वाले नए कर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अतिरिक्त होंगे। नियमों के अनुसार, उपकर की गणना और भुगतान मासिक आधार पर पैकिंग मशीनों की संख्या और उनकी अधिकतम पैकिंग स्पीड के आधार पर किया जाएगा।
गौरतलब है कि एक फरवरी से पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू और इसी तरह के उत्पादों पर 40 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा जबकि 'बीड़ी' पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इस समय पान मसाला पर 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ-साथ उपकर लगाया जाता है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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