पणजी, पीटीआइ। कराची में जन्मे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को केंद्रीय गृह मंत्रालय से सिक्योरिटी क्लीयरेंस न मिलने की वजह से गोवा आने की अनुमति नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार उसे  'नो गोवा प्रोग्राम' (Know Goa Program) में शामिल होना था। एनआरआइ मामलों के राज्य आयोग ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। बता दें कि इस कार्यक्रम का आयोजन उन प्रवासी युवाओं के लिए होता है, जो विदेश में पैदा हुए हैं या विदेशी नागरिक हैं और उनके माता-पिता या पूर्वज गोवा मूल के हैं। 

समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार एनआरआइ मामलों के निदेशक एंथनी डिसूजा ने कहा कि पाकिस्तान में जन्मे 21 वर्षीय मार्को मोंटेरो उन आठ छात्रों में से एक है जिन्हें आयोग द्वारा आयोजित 12 वें 'नो गोवा प्रोग्राम' में भाग लेने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अभी तक मार्को को उनकी भारत यात्रा के लिए सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं दी है। गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर बहुत संवेदनशील रहा है। 

मार्को मोंटेरो का जन्म कराची में हुआ था

अधिकारी ने कहा कि मार्को का जन्म 3 अक्टूबर 1998 को कराची में हुआ था और बाद में वह अपनी मां के साथ ऑस्ट्रेलिया चला गया। अब उसके पास ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता है। 'नो गोवा प्रोग्राम' का आयोजन उन प्रवासी युवाओं के लिए होता है, जो विदेश में पैदा हुए हैं या विदेशी नागरिक हैं, लेकिन माता-पिता या पूर्वज गोवा मूल के हैं। 

इन देशों के आठ लोगों को नहीं मिली अनुमति 

डिसूजा ने यह भी बताया कि इस वर्ष, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और पुर्तगाल के आठ छात्रों को कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए गोवा, दिल्ली और आगरा का दौरा करने की अनुमति नहीं मिली, जो 4 से 18 जनवरी तक आयोजित होने हैं।

मार्को के दादा जोस मोंटेरो का हुआ था गोवा में जन्म

डिसूजा ने मार्को के बार और जानकारी देते हुए कहा कि मार्को के दादा जोस मोंटेरो का जन्म 13 मार्च 1885 को पणजी के एक शहर में हुआ था और 1921 में उनकी मृत्यु हो गई थी। 

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