'कराची शहर से सिर्फ 40 किमी दूर...', भारतीय सेना ने PAK में कहां-कहां किया हमला? दुनिया के सामने आई पूरी सच्चाई
नौसेना के डीजी आपरेशंस वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने तीनों सेनाओं की ऑपरेशन सिंदूर पर की गई संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान गतिरोध में बड़ी संख्या में मिग-29 लड़ाकू विमानों एयर बोर्न अर्ली वार्निंग हेलीकॉप्टरों के साथ हमारे एयरक्राफ्ट कैरियर की उपस्थिति ने किसी भी संदिग्ध या शत्रु विमान को कई सौ किलोमीटर के अंदर कैरियर बैटल ग्रुप के करीब आने से रोक दिया।

संजय मिश्र, जागरण। पहलगाम आतंकी हमले के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की तीनों सेनाओं ने जमीन, आसमान और समंदर की हवाई सीमाओं में एयर डिफेंस की ऐसी मजबूत दीवार बना दी कि भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर लगभग सभी हवाई हमले पाकिस्तानी नाकाम हो गए।
पाकिस्तानी सेना के चीन निर्मित फाइटर जेट, मिसाइल और रॉकेट से लेकर तुर्किश ड्रोन-यूएवी भी कोई भी भारत के एयर डिफेंस को भेद पाया।
वहीं भारतीय नौसेना ने अरब सागर के समुद्री आकाश में एयर डिफेंस का जाल बिछाने के साथ ऐसी मारक तैयारी के साथ लहरों के बीच इस तरह खड़ी थी कि पाकिस्तानी वायुसेना बलुचिस्तान के समुद्री क्षेत्र मकरान तट से आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पायी। समुद्री क्षितिज में नौसेना की इस घेरेबंदी का ही नतीजा रहा कि भारतीय वायुसेना ने कराची के निकट मलीर में पाकिस्तानी सेना के प्रतिष्ठान पर मिसाइल से हमला किया।
हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ थी: सेना
हालांकि, वायुसेना ने किराना हिल्स के पाकिस्तान के परमाणु कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर हमले की बात से स्पष्ट इनकार किया। वहीं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान सेनाओं को पहुंचाई गई क्षति के लिए उसे ही पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए भारतीय सेनाओं ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवाद के खिलाफ थी मगर अफसोस की बात रही कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों के बचाव का विकल्प चुनते हुए उसके साथ हो गई।
साथ ही रामचरित मानस के प्रसिद्ध दोहे ''भय बिनु होई न प्रीत'' के सहारे पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को अपरिहार्य ठहराया। अरब सागर के समुद्री इलाके में युद्धपोतों, एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रांत के साथ मौजूदर भारतीय नौसेना द्वारा यहां के समुद्री हवाई क्षेत्र में सैकड़ों किलोमीटर दूर तक मजबूत एयर डिफेंस के साथ मिसाइलें तैनात कर पाकिस्तानी वायुसेना को कराची से आगे नहीं बढ़ने देने का खुलासा सोमवार को नौसेना के डीजी आपरेशंस वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने तीनों सेनाओं की ऑपरेशन सिंदूर पर की गई संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान गतिरोध में बड़ी संख्या में मिग-29 लड़ाकू विमानों, एयर बोर्न अर्ली वार्निंग हेलीकॉप्टरों के साथ हमारे एयरक्राफ्ट कैरियर की उपस्थिति ने किसी भी संदिग्ध या शत्रु विमान को कई सौ किलोमीटर के अंदर कैरियर बैटल ग्रुप के करीब आने से रोक दिया। पहलगाम के कायरतापूर्ण हमले के तुरंत बाद नौसेना ने जटिल खतरे के माहौल में अपनी एंटी मिसाइल और एंटी एयरक्राफ्ट रक्षा क्षमता को सक्रिय कर दिया। नौसेना की दुर्जेय आक्रामक क्षमता ने अरब सागर में निर्विवाद उपस्थिति बनाए रखी।
दुश्मन पर अपनी इच्छानुसार हमला कर सकता है भारत
इसकी वजह से ही पाकिस्तानी वायुसेना को मकरान तट के करीब ही सीमित रहने के लिए मजबूर कर पाकिस्तान को समुद्री क्षेत्र से हमले का कोई मौका ही नहीं दिया। मकरान तट दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में बलूचिस्तान प्रांत का तटीय इलाका है और कराची के निकट है।
वाइस एडमिरल प्रमोद ने कहा कि इस आपेरशन का सार है कि भारतीय नौसेना ने अपना प्रभुत्व जमाते हुए सुनिश्चित किया है कि हम चाहें तो दुश्मन पर अपनी इच्छानुसार हमला कर सकते हैं। वायुसेना के डीजी आपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवादियों और उनके सहायक ढांचे से थी। मगर अफसोस की पाकिस्तानी सेना ने हस्तक्षेप कर आतंकवादियों की रक्षा करने का विकल्प चुना जिसने हमें उसी तरह जवाब देने के लिए मजबूर किया।
रामचरित मानस की चौपाई भय बिनु न होई प्रीत का उल्लेख करते हुए साफ संदेश दिया कि बिना डर दिखाए सामान्य स्थिति नहीं ला जा सकती। एयर मार्शल ने कहा कि पाकिस्तान कि ड्रोन, मिसाइलें, रॉकेट तथा हवाई हमले के साथ सीमा पार से छोटे हथियारों और तोपों से गोलाबारी की आक्रामकता के जवाब में भारत ने नपी-तुली और संतुलित प्रतिक्रिया के हिस्से के तौर पर उसके सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जिसमें कराची के मलीर कैंटोनमेंट में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइट भी शामिल थी। मलीर का यह कैंट कराची शहर से करीब 40 किमी दूर एक प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठान है।
एयर मार्शल ने कहा कि पाकिस्तान तथा पीओजेके में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने की ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी सेना के अथक अथक प्रयासों के बावजूद भारतीय सेनाएं देश में नागरिक और सैन्य बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान को अपनी मजबूत एयर डिफेंस की एकीकृत प्रणाली के दम पर कम करने में कामयाब रहीं। एयर डिफेंस की चौकसी के साथ ही पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए ड्रोन और यूसीएवी के कई लेजर को भी स्वदेशी सॉफ्ट और हार्ड-किल काउंटर-यूएएस सिस्टम के जरिए विफल किया गया।
वायुसेना की एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली में नए सिस्टम यानि उनका साफ इशारा एस-400 की ओर था के अलावा स्वदेशी एयर डिफेंस प्रणाली आकाश का प्रदर्शन शानदार रहा। एयर मार्शल भारती ने पाकिस्तानी वायुसेना के हमलों को चौतरफा नाकाम किए जाने के साथ ही पाकिस्तान के एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक उसके पूरे भू-भाग क्षेत्र पर वायुसेना को हमला करने में मिली सफलता का जिक्र करते हुए इस दौरान जवाबी कार्रवाई में नाकाम हुए पाकिस्तानी हथियारों के मलबों की कुछ तस्वीरें भी दिखाई।
वायुसेना ने 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर किए हमले
इन तस्वीरों में पाकिस्तानी सेना के मिसाइल बेड़े में शामिल चीनी मिसाइल पीएल-15 ई, मिग लड़ाकू जेट और तुर्किए में बनी याहा यूएवी मिसाइल से लेकर लंबी दूरी के रॉकेट के ध्वस्त पड़े मलबे के चित्र भी थे। ऑपरेशन सिदूर के दौरान वायुसेना ने 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर हमले किए जिसमें नूर खान और रहीमयार खान जैसे उसके प्रमुख एयरबेस भी शामिल थे। सरगोधा के करीब किराना हिल्स में पाकिस्तान के परमाणु कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर निशाना साधने की बात से इनकार करते हुए एयर मार्शल भारती ने कहा कि हमें नहीं पता चाहे वहां कुछ भी हो हमने किराना हिल्स में हमला नहीं किया।
भारत के सभी सैन्य अड अड्डे और प्रणालियों के पूरी तरह सुचारू से चलने की बात करते हुए वायुसेना के डीजी ने कहा कि हम अभी भी किसी भी मिशन को अंजाम देने के लिए तैयार हैं। भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने इस दौरान कहा कि पहलगाम हमले तक पाकिस्तान के पाप का घड़ा भर चुका था और इसलिए आपेरशन ¨सदूर के दौरान भारत की तीनों सेनाओं ने जबरदस्त आपसी तालमेल के सहारे न केवल आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने का लक्ष्य हासिल किया बल्कि पाकिस्तान की आक्रामकता पर भी प्रहार कर उसे नुकसान पहुंचाया।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।