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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दुनिया भर में 'आतंकिस्तान' को बेनकाब कर लौट रहे भारतीय सांसद, पीएम मोदी डेलिगेशन से लेंगे फीडबैक

Published: Mon, 02 Jun 2025 07:44 PM (IST)

Operation Sindoor Delegationपाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई दुनिया को बताने गए सांसदों और राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल वापस ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री प्रतिनिधमंडलों से मुलाकात करेंगे और फीडबैक लेंगे।
प्रधानमंत्री प्रतिनिधमंडलों से मुलाकात करेंगे और फीडबैक लेंगे।

HighLights

  1. सफल मानी जा रही डेलिगेशन की यात्रा।
  2. पाकिस्तान को हर ओर से किया गया बेनकाब।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद (Pakistan Sponsored Terrorism) और ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई से दुनिया को अवगत कराने गए सांसदों और राजनयिकों के प्रतिनिधमंडल की वापसी बुधवार सुबह से शुरू हो जाएगी। माना जा रहा है कि अगले सप्ताह खुद प्रधानमंत्री भी इन प्रतिनिधमंडलों से मुलाकात करेंगे और फीडबैक (PM Modi Feedback Session) लेंगे।

विश्व के 33 देशों में कुल दस दिनों की यात्रा बहुत सफल मानी जा रही है जिसमें औपचारिक और अनौपचारिक चर्चा में भारत के सांसदों (Indian MPs expose Pakistan) ने न सिर्फ संबंधित सरकारों बल्कि वहां के थिंक टैंक और बुद्धिजीवियों को हर पहलू पर भारत के विचारों से सहमत कराने की कोशिश की।

इसकी सफलता का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि जिस कोलंबिया ने पहले ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान से सहानुभूति जताई थी उसने भी प्रतिनिधिमंडल के दौरे के बाद मन बदला और पिछला बयान वापस लेते हुए आतंकवाद पर भारत की सोच का समर्थन किया।

कब लौटेगा डेलिगेशन?

पहली टीम शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व में 23 मई को विदेश गई थी। 25 मई को आखिरी टीम रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में पश्चिमी यूरोप गई थी। उसी दिन कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में टीम अमेरिका, कोलंबिया जैसे कुछ देशों में गई थी। बताया जाता है कि शिंदे की टीम बुधवार को सुबह और रविशंकर की टीम 5  तारीख की रात दिल्ली पहुंचेगी। इसी बीच सारा प्रतिनिधिमंडल दिल्ली लौटेगा।

यह स्पष्ट दिखा कि अलग अलग दल से गए सांसद भी हर मुद्दे पर एकजुट थे, तब भी जब भारत में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से अपने ही सदस्यों पर तीखी टिप्पणी हो रही थी। ऐसे में इनकी वापसी के बाद भी राजनीति में बयानबाजी बढ़ेगी। बहरहाल, सूत्रों का कहना है कि संभवत: 9 मई को प्रधानमंत्री भी इन प्रतिनिधिमंडलों के साथ चर्चा करेंगे। उनसे फीडबैक लिया जाएगा।

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