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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सार्वजनिक यातायात के लिए देश में वन कार्ड योजना जल्द

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Published: Mon, 03 Sep 2018 08:35 PM (IST)

फ्यूचर मोबिलिटी सम्मिट 2018 में सीईओ ने कहा, मजबूत यातायात व्यवस्था किसी भी अर्थव्यवस्था के विकास की रीढ़ होती है।

सार्वजनिक यातायात के लिए देश में वन कार्ड योजना जल्द
सार्वजनिक यातायात के लिए देश में वन कार्ड योजना जल्द

नई दिल्ली, आइएएनएस। सार्वजनिक यातायात में प्रयोग के लिए देश में जल्द ही वन नेशन-वन कार्ड योजना लागू की जाएगी। यह कार्ड आवागमन के कई तरह के साधनों में किराए के भुगतान के लिए प्रयोग में लाया जा सकेगा। यह जानकारी नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने दी है।

फ्यूचर मोबिलिटी सम्मिट 2018 में सीईओ ने कहा, मजबूत यातायात व्यवस्था किसी भी अर्थव्यवस्था के विकास की रीढ़ होती है। भारत जैसे ज्यादा आबादी वाले विकासशील देश के लिए यह और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। नई व्यवस्था का उद्देश्य नागरिकों को सार्वजनिक साधनों के उपयोग के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए अगली पीढ़ी का ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाना होगा। उसके लिए सुविधाएं बढ़ानी होंगी और मानकों का कड़ाई से पालन करना होगा।

अमिताभ कांत ने बताया कि अकेले सड़क यातायात का भारत की जीडीपी में चार प्रतिशत का योगदान है। यह यातायात काफी हद तक पेट्रोल और डीजल पर निर्भर है। देश के बड़े शहरों की हवा की गुणवत्ता खराब होने के पीछे ज्यादा वाहनों का सड़क पर होना भी बड़ा कारण होता है।

पेट्रोल और डीजल के आयात से देश का मुद्रा भंडार भी प्रभावित होता है। कार्यक्रम में नीति आयोग के सलाहकार अनिल श्रीवास्तव ने कहा, सरकार पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए लोगों को वाहन शेयर करके सहयोग देना चाहिए और खुद के वाहन में चलने की मानसिकता छोड़नी चाहिए।