आस्था, उल्लास और जयघोष से नववर्ष का स्वागत, पहाड़-समुद्र नहीं; देश के प्रमुख मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
नववर्ष 2026 का स्वागत देशभर में श्रद्धा, उल्लास, आस्था और जयघोष के साथ किया गया। इस दौरान हर जगह लोग भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। साल के पहले दिन लोग ...और पढ़ें

नए साल पर देश के प्रमुख मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब (फाइल फोटो)
जागरण टीम, नई दिल्ली। नववर्ष 2026 का स्वागत देशभर में श्रद्धा, उल्लास, आस्था और जयघोष के साथ किया गया। इस दौरान हर जगह लोग भक्ति के रंग में रंगे नजर आए। साल के पहले दिन लोगों ने घरों से निकलकर प्रमुख मंदिरों और तीर्थस्थलों का रुख किया और देवी-देवताओं के चरणों में शीश नवाकर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं
अयोध्या में रामलला, काशी में बाबा विश्वनाथ, उज्जैन में भगवान महाकाल, जम्मू में मां वैष्णो देवी, अमृतसर में हरमंदिर साहिब, मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण और राजस्थान में खाटूश्याम जी, नाथद्वारा के श्रीनाथ जी व मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए मंदिर के समक्ष सैकड़ों श्रद्धालु सुबह पांच बजे से ही लाइन में खड़े हो गए थे, जिसके कारण दर्शन समय से पहले शुरू करना पड़ा। भीड़ के कारण दोपहर में भी मंदिर के पट नहीं बंद किए गए। केवल पांच मिनट भोग के लिए पट बंद रहे। पांच के स्थान पर आठ कतारों से श्रद्धालुओं को भेजा गया।
शाम चार बजे तक डेढ़ लाख से अधिक दर्शनार्थियों ने दर्शन कर लिए थे। पट बंद होने तक यह संख्या तीन लाख पहुंच गई। सुबह चार बजे से रात 11 बजे शयन आरती तक लगभग 5.50 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए।
वहीं, मीरजापुर के नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह के अनुसार मां विंध्यवासिनी धाम में रात 12 बजे तक लगभग 3.50 लाख श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन पूजन किया। उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर मंदिर में नववर्ष की पहली सुबह आस्था के आलोक से जगमगा उठी, जहां तीन लाख से अधिक भक्तों ने भस्म आरती सहित दर्शन किए।
मथुरा-वृंदावन में रिकॉर्ड लोग आए
मथुरा-वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन के लिए सुबह अपेक्षाकृत कम भीड़ रही, लेकिन गोवर्धन और बरसाना में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा। चित्रकूट में स्वामी कामतानाथ धाम में लगभग दस लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन कर कामदगिरि परिक्रमा की। जम्मू-कश्मीर में त्रिकुटा पर्वत पर स्थित मां वैष्णो देवी के भवन तक हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालुओं की एक से डेढ़ किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं।
हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों पर रही भारी भीड़
हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों-मां नयना देवी, मां चिंतपूर्णी, मां ज्वालामुखी, मां चामुंडा नंदिकेश्वर और मां बज्रेश्वरी में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। वहीं, राजस्थान में खाटूश्याम जी, सांवलिया जी, एक¨लग जी, त्रिनेत्र गणेश और जयपुर के गोविंद देवजी व गणेश मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
ओरछा में एक लाख से अधिक भक्तों ने किया दर्शन
नए साल के मौके पर मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। बुंदेलखंड की अयोध्या कही जाने वाली धार्मिक नगरी ओरछा में एक लाख से अधिक भक्तों ने श्री रामराजा सरकार का आशीर्वाद लिया। आस्था, अनुशासन और उत्साह के संग लोगों ने नववर्ष की शुरुआत की और पूरे देश में धार्मिक पर्यटन केंद्रों पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

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