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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ओडिशा ट्रेन हादसे का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने की मांग

By AgencyEdited By: Achyut Kumar
Published: Sun, 04 Jun 2023 12:13 PM (IST)Updated: Sun, 04 Jun 2023 03:27 PM (IST)

ओडिशा में हुए ट्रेन हादसे की जांच को लेकर एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है। इस ...और पढ़ें

Odisha Train Tragedy का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जनहित याचिका दायर
Odisha Train Tragedy का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जनहित याचिका दायर

HighLights

  1. ओडिशा ट्रेन हादसे का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
  2. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाले पैनल से जांच की मांग
  3. ट्रेन हादसे में अबतक 288 लोगों की मौत

नई दिल्ली, एएनआई। ओडिशा के बालासोर जिले में हुए ट्रेन हादसे की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित करने के लिए केंद्र को निर्देश देने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका शीर्ष अदालत में दायर की गई है। जनहित याचिका में कवच (KAVACH) नामक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए दिशानिर्देश / निर्देश भी मांगे गए हैं। इस याचिका को अधिवक्ता विशाल तिवारी ने दायर की है।

दो महीने में अपनी जांच पूरी करे जांच आयोग

  • याचिका में कहा गया है कि शीर्ष अदालत के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाले जांच आयोग को दो महीने में अपनी जांच पूरी कर दुर्घटना के मूल कारण की जांच करने की कोशिश करनी चाहिए और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी रिपोर्ट देनी चाहिए।
  • तिवारी ने अपनी याचिका में कहा है कि वह रेलवे दुर्घटना सुरक्षात्मक उपायों को लागू करने और भविष्य में दुर्घटनाओं से बचने के लिए ऐसे उपायों को मजबूत करने और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए सरकार से विशेष दिशा-निर्देश मांग रहे हैं। 
  • पिछले तीन दशकों में देश में हुई रेल दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने इस तरह के टकरावों और दुर्घटनाओं के खिलाफ सुरक्षा प्रवर्तन तंत्र विकसित करने में धीमी गति से काम किया है।
  • जनहित याचिका में कहा गया है कि कवच सुरक्षा प्रणाली को जल्द से जल्द स्थापित करने की नितांत आवश्यकता है, जिसके बिना किसी भी ट्रेन की आवाजाही जारी नहीं रहनी चाहिए।

बालेश्वर हादसे में अबतक 275 लोगों की मौत

बता दें, ओडिशा के बालेश्वर में हुए ट्रेन हादसे में 275 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। यह हादसा बाहानागा बाजार स्टेशन पर तीन ट्रेनों बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, कोरोमंडल एक्सप्रेस और मालगाड़ी के आपस में टकराने की वजह से हुआ।

पीएम मोदी ने रेल मंत्री को फोन कर मरम्मत कार्य का लिया जायजा

रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बालासोर ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना स्थल पर बहाली कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए फोन किया। वैष्णव दुर्घटनास्थल पर मौजूद हैं और बहाली कार्य का जायजा ले रहे हैं। इससे पहले आज वैष्णव ने कहा था कि ओडिशा के बालासोर में बहाली का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। 

पीएम मोदी ने दुर्घटनास्थल पर स्थिति का लिया जायजा

पीएम मोदी ने शनिवार को खुद ओडिशा के बालासोर में दुर्घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लिया था। इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी थे। पीएम ने एक ट्वीट में कहा,

ओडिशा में दुर्घटनास्थल पर स्थिति का जायजा लिया। शब्द मेरे गहरे दुख को व्यक्त नहीं कर सकते। हम प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं उन सभी लोगों की सराहना करता हूं जो चौबीसों घंटे जमीन पर काम कर रहे हैं और राहत कार्य में मदद कर रहे हैं।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगी: पीएम

दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद, पीएम मोदी ने फकीर मोहन अस्पताल, बालासोर का दौरा किया, जहां कुछ घायल यात्रियों को भर्ती कराया गया है। हादसे में जीवित बचे लोगों से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हादसे की समीक्षा के लिए पीएम मोदी ने एक हाईलेवल मीटिंग भी बुलाई थी.