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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आतंकियों के खिलाफ जम्‍मू कश्‍मीर में बड़ा अभियान, एनआईए की कई जगहों पर छापेमारी

By Kamal VermaEdited By:
Published: Sun, 10 Oct 2021 10:44 AM (IST)Updated: Sun, 10 Oct 2021 11:24 AM (IST)

NIA ने जम्‍मू कश्‍मीर में कई जगहों पर छापेमारी की है। हालिया आतंकी घटनाओं में हुई आम लोगों की हत्‍याओं ...और पढ़ें

NIA ने जम्‍मू कश्‍मीर में कई जगहों पर छापेमारी की है।
NIA ने जम्‍मू कश्‍मीर में कई जगहों पर छापेमारी की है।

नई दिल्‍ली (एएनआई)। नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने जम्‍मू कश्‍मीर में 16 ठिकानों पर छापेमारी की है। ये छापेमारी वायस आफ हिंद मैगजीन के पब्लिकेशन और आईईडी रिकवरी केस में की गई है। आपको बता दें कि इस मैगजीन के जरिए राज्‍य के युवाओं को कट्टरवाद का पाठ पढ़ाया जा रहा है। इस मैगजीन के जरिए कट्टरपंथी ताकते युवाओं में भारत के प्रति नफरत फैलाने का काम कर रही हैं।

इस मामले में इस वर्ष 11 जुलाई को भी एनआईए ने छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था जिसमें उमर निसार, तनवीर अहमद भट और रमीज अहम लोन शामिल था। आईएसआईएस वायस हिंद मामला और भठिंडी IED रिकवरी केस इसी मामले में कर्नाटक के दो ठिकानों पर भी छापेमारी हुई थी। आपको बता दें कि इस मामले को 29 जून को दर्ज किया गया था। इसमें कहा गया था कि आतंकी संगठन आईएस अपने पब्लिकेशन वायस हिंद के जरिए भारत में कट्टरता और चरमपंथ को बढ़ावा देने और भारत के खिलाफ जेहाद शुरू करने की कोशिश में लगा है।

एनआईए का कहना है कि भारत में आईएस के विभिन्‍न कैडर काम कर रहे हैं। इनका सबसे मुख्‍य काम यहां पर नेटवर्क तैयार करना है और अपने मकसद को आगे बढ़ाना है। अबु हाजिर अल बदरी उस मास्‍टरमाइंड का नाम है जो वायस आफ हिंद का विभिन्‍न दक्षिण भारत की भाषाओं में ट्रांसलेट करता है। मामले में 6 अगस्‍त को एनआईए ने जुफ्री जावहर दामुदी को कर्नाटक से गिरफ्तार किया था। दामुदी अदनान हसन दामुदी का छोटा भाई है जिसको वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया गया था। जुफ्री का संबंध अफगानिस्‍तान और पाकिस्‍तान में मौजूद आईएस के आकाओं से है।

गौरतलब है कि हाल के कुछ दिनों में आतंकियों ने राज्‍य में हुइ आम लोगों की हत्‍याओं को अंजाम दिया है। इसके बाद केंद्र सरकार भी इन घटनाओं को लेकर गंभीर हो गई है। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले आतंकवादियों की तेजी से धरपकड़ भी की जा रही है। घाटी में पांच नागरिकों की हत्‍या के बाद हुई कार्रवाई में अब तक 550 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसमें श्रीनगर से ही 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। हाल के दिनों में हुई आतंकी घटनाओं से देश के अल्‍पसंख्‍यक समुदाय में भी गुस्‍सा साफतौर पर दिखाई दे रहा है। टार्गेट कीलिंग से हर किसी में गुस्‍सा है।

हालिया घटनाओं और राज्‍य की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर उपराज्‍यपाल मनोज सिन्‍हा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच बैठक भी हुई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी घाटी में डेरा जमाए हुए हैं। इससे पहले भी केंद्र में अमित शाह के नेतृत्‍व में एक हाईलेवल बैठक हुई थी जिसमें जम्‍मू कश्‍मीर में अल्‍पसंख्‍यंकों की सुरक्षा को अहम बताया गया था। इसमें ये भी तय हुआ कि सुरक्षा बल समेत सभी एजेंसियां तुरंत इसके लिए कदम उठाएं। बता दें कि इस वर्ष आतंकियों ने करीब 25 आम नागरिकों की हत्‍या की है।

गौरतलब है कि शिक्षिका सपिंदर कौर के अंतिम संस्‍कार में पिछले दिनों काफी संख्‍या में लोगों ने हिस्‍सा लिया था। इसके अलावा दवा कारोबारी माखनलाल बिंदरू की बेटी ने अपने पिता की हत्‍या करने वाले आतंकियों को आमने सामने बहस करने की चुनौती दी थी। उनका कहना था कि उनके पिता की मौत से उनका जज्‍बा कम नहीं होने वाला है। 

सूबे में हुई हालिया घटनाओं पर पूर्व मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्‍दुल्‍लाह ने भी चिंता जताई है। हालांकि दोनों ने ही इसको लेकर केंद्र पर निशाना भी साधा था। महबूबा का कहना था कि समाज में किसी भी तरह की हिंसा और आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इन दोनों ने ही ट्वीट कर घटनाओं की निंदा की थी।