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    'हाईवे निर्माण में क्वालिटी पर दें ध्यान', NHAI ने अधिकारियों को चेताया; कहा- जल्दबाजी में न करें उद्घाटन

    हाल के समय में कई नए बने हाईवे और एक्सप्रेस वे में खराब क्वालिटी के कारण लोगों को यात्रा में असुविधा का सामना करना पड़ा है। यहां तक कि उच्च प्राथमिकता वाले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस में भी इस तरह की शिकायतें आई हैं। हाईवे प्रोजेक्टों के पूरे होने में देरी कोई नई बात नहीं है। लगभग 80 प्रतिशत प्रोजेक्ट कम से कम छह माह की देरी के शिकार होते ही हैं।

    By Jagran News Edited By: Swaraj Srivastava Updated: Wed, 23 Apr 2025 06:56 PM (IST)
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    अफसरों से कहा गया है कि वे उद्घाटन में जल्दबाजी न करें (फाइल फोटो)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्ग की व्यवस्था से जुड़े दो शीर्ष अधिकारियों ने सड़क निर्माण में गुणवत्ता पर जोर देते हुए अफसरों से कहा है कि वे उद्घाटन में जल्दबाजी न करें। खासकर उच्च प्राथमिकता वाले उन प्रोजेक्टों में गुणवत्ता पर खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है, जिनका उद्घाटन प्रधानमंत्री करते हैं।

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    अफसरों से कहा गया है कि वे ऐसे प्रोजेक्टों का जल्दी उद्घाटन कराने के बजाय दो-तीन माह और रुक जाएं और निर्माण संबंधी खामियों को दूर कर लें। एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव ने हड़बड़ी में उद्घाटन के कारण किरकिरी से बचने के लिए प्रोविजनल कंपलीशन सर्टिफिकेट यानी अस्थायी पूर्णता प्रमाणपत्र न जारी करने के लिए कहा है।

    क्वालिटी पर ध्यान देने को कहा

    इसके साथ ही सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने भी एक कार्यक्रम में कहा कि राजमार्ग निर्माण में संख्या बढ़ाने के साथ गुणवत्ता की अनदेखी करना ठीक नहीं है। जो हाईवे बन रहे हैं, वे अगले सौ साल के लिए हैं। गुणवत्ता की एक विरासत कायम करना चाहिए।

    उमाशंकर के अनुसार देश में अगले बीस सालों में सड़क निर्माण का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। तब केवल रखरखाव का काम करना होगा। अगर आज निर्माण के समय दीर्घकालिक गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया तो रखरखाव उतना ही चुनौतीपूर्ण होगा।

    25 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च

    • क्वालिटी पर सरकार का जोर इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसने अगले दो साल में 25000 किलोमीटर दो लेन हाईवे को चार लेन में परिवर्तित करने की घोषणा की है। इस पर 25 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। चूंकि इस कार्य में जमीन अधिग्रहण की समस्या नहीं है, इसलिए इसमें कोई अड़चन आने के आसार नहीं हैं।
    • सरकार चाहती है कि नए प्रस्तावित हाईवे और एक्सप्रेस के साथ अगले पांच साल में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 2.5 लाख किलोमीटर से अधिक हो सकती है, जिसमें 95 प्रतिशत हिस्सा कम से कम चार लेन का होगा। ऐसे में सड़कों के चौड़ीकरण में भी गुणवत्ता का ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए डीपीआर में ही मानक कड़े किए जा रहे हैं।

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