पटना [जागरण ब्यूरो]। बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में भाजपा के साथ दुबारा जुड़ने की बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि 'मिट्टी में मिल जाएंगे मगर भाजपा से समझौता नहीं करेंगे। यह असंभव है, ये चैप्टर अब बंद हो चुका है।'

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राज्यपाल के अभिभाषण के बाद मुख्यमंत्री के जवाब से नाराज भाजपा व राजद सदस्यों ने सदन का बहिष्कार किया। राजद ने नीतीश-भाजपा की तकरार को पति-पत्नी का झगड़ा बताया। इस पर नीतीश ने कहा कि भाजपा खुराफात कर रही है। नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव में अगर ताकत है तो अविश्वास प्रस्ताव लाकर हमारी सरकार गिराकर दिखाएं।

मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष के जुगाड़ टेक्नोलॉजी के आरोपों को नकारते हुए कहा कि ये सब हमको नहीं आता। ऐसा होता तो वर्ष 2000 में हमारी सरकार सिर्फ सात दिन नहीं चलती। उस दौरान तो भाजपा नेता ही सरकार बचाने के उपाय में थे। हमने सिद्धांत से समझौता नहीं किया। यही कारण रहा कि विशाल बहुमत को हमने साधारण बहुमत में बदल दिया।

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मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष की नोकझोंक को राजद विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने घरेलू झगड़ा बताया और पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ वाकआउट कर गए। नीतीश ने आरोप लगाया कि विपक्ष को सिर्फ गुजरात नजर आता है। वे सरकार से हटने के बाद खुराफात कर रहे हैं।

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