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    Manipur Forest: NGT ने मणिपुर में वन क्षेत्र के नुकसान पर अधिकारियों से मांगा जवाब, दिया ये निर्देश

    नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मणिपुर में वन क्षेत्र में कमी के संबंध में केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय से जवाब मांगा है। एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने रिपोर्ट पर ध्यान दिया जिसके अनुसार कमी मुख्य रूप से वनों की कटाई और अफीम की खेती के कारण थी।

    By Agency Edited By: Sonu Gupta Updated: Tue, 14 May 2024 10:30 PM (IST)
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    NGT ने मणिपुर में वन क्षेत्र के नुकसान पर अधिकारियों से मांगा जवाब। फाइल फोटो।

    पीटीआई, नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मणिपुर में वन क्षेत्र में कमी के संबंध में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय से जवाब मांगा है।

    वन क्षेत्र में आ रही है कमी

    एनजीटी एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जहां उसने एक मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लिया था, जिसमें इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह की पोस्ट का हवाला दिया गया था। सीएम ने कहा था कि राज्य में वन क्षेत्र 1987 में 17,475 वर्ग किलोमीटर (वर्ग किमी) से घटकर 2021 में 16,598 वर्ग किमी हो गया है, जिससे वन क्षेत्र में 877 वर्ग किमी की कमी देखी गई है।

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    ट्रिब्यूनल ने जारी किया नोटिस

    एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने रिपोर्ट पर ध्यान दिया, जिसके अनुसार कमी मुख्य रूप से वनों की कटाई और अफीम की खेती के कारण थी। पीठ ने कहा कि यह पर्यावरणीय मानदंडों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दा है। ट्रिब्यूनल ने उत्तरदाताओं को जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है।

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