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    देश और दुनिया के पर्यटकों को लुभाने की कवायद, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनेगा नेशनल क्रूज टूरिज्म बोर्ड

    By Jagran NewsEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Thu, 29 Jun 2023 10:44 PM (IST)

    यह उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और बंगाल से होकर गुजरता है। इसके साथ ही इस योजना में नेशनल जलमार्ग-4 को भी शामिल किया गया है जो कृष्णा और गोदवरी नदियों से होकर गुजरता है। यह तेंलगाना आंध्र प्रदेश तमिलनाडु आदि राज्यों से होकर जाता है। इस प्रोजेक्ट में लद्दाख के राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-46 को भी शामिल किया है जो सिंधु नदीं पर 30 किमी का है।

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    पर्यटन मंत्रालय ने कहा- क्रूज टूरिज्म की भारत में बड़ी संभावनाओं को देख लिया गया फैसला

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। देश और दुनिया के पर्यटकों को लुभाने की नई-नई कोशिशों के बीच केंद्र सरकार ने अब देश में क्रूज टूरिज्म को बढ़ाना देने का फैसला लिया है। पर्यटन मंत्रालय इसे लेकर एक नीति तैयार करने में जुटा है। फिलहाल इसका एक मसौदा जारी किया गया है, जिसमें क्रूज टूरिज्म को बढ़ावा देने के जल्द ही देश में नेशनल क्रूज टूरिज्म बोर्ड के गठन का प्रस्ताव किया है।

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    पर्यटन मंत्रालय ने क्रूज टूरिज्म नीति का जारी किया मसौदा

    यह न सिर्फ क्रूज टूरिज्म पर फोकस होकर काम करेगा, बल्कि देश में इसके लिए माहौल भी तैयार करेगा। फिलहाल कुछ छुटपुट पहलों को छोड़ दें तो देश में अभी क्रूज टूरिज्म का कोई ढांचा नहीं है। पर्यटन मंत्रालय का मानना है कि देश के पास जितना व्यापक जल क्षेत्र है, उनमें क्रूज टूरिज्म के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं है।

    20 हजार किमी जलमार्ग को किया गया चिन्हित

    मसौदे के तहत मंत्रालय ने देश के 12 बड़े और दो सौ छोटे बंदरगाहों सहित करीब 20 हजार किमी जलमार्ग को इसके लिए चिन्हित किया है। इनमें सबसे अधिक करीब दस हजार किमी नदियों से गुजरने वाले जलमार्ग है। इनमें सबसे बडा राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-एक है, जो प्रयागराज से हल्दिया तक करीब 16 सौ किमी लंबा है।

    इस योजना में नेशनल जलमार्ग-4 को भी किया गया शामिल

    यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और बंगाल से होकर गुजरता है। इसके साथ ही इस योजना में नेशनल जलमार्ग-4 को भी शामिल किया गया है, जो कृष्णा और गोदवरी नदियों से होकर गुजरता है। यह तेंलगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों से होकर जाता है। इस प्रोजेक्ट में लद्दाख के राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-46 को भी शामिल किया है, जो सिंधु नदीं पर 30 किमी का है।

    नौ राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों को मिलेगा इसका लाभ

    वहीं, कोस्टल क्षेत्र के 12 बड़े और दौ सो छोटे बंदरगाहों को जोड़ने का भी काम होगा। इसका लाभ देश के नौ राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों को भी मिलेगा। खासबात यह है कि क्रूज टूरिज्म से जुड़े अपने इस मसौदे को पर्यटन मंत्रालय ने जी-20 देशों के साथ बैठक में भी रखा।

    पर्यटन मंत्रालय ने अपने मसौदे में साफ किया

    इस दौरान अमेरिका सहित कई देशों में सहयोग का भी भरोसा दिया है। अभी दुनिया में प र्यटन के क्षेत्र में क्रूज टूरिज्म की हिस्सेदारी एक फीसद के आसपास है। जिसे सभी देश बढ़ाने में लगे है। पर्यटन मंत्रालय ने अपने मसौदे में साफ किया है कि क्रूज टूरिज्म न सिर्फ घूमने- फिरने का एक जरिया है, बल्कि यह एक बड़ा उद्योग भी है, क्योंकि इनमें होटल से लेकर शापिंग माल, मनोरंजन आदि सभी क्षेत्र शामिल है।

    पर्यटन के प्रमुख साधन बस और ट्रेन

    इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा। देश में अभी पर्यटन के प्रमुख साधन बस और ट्रेन ही है। ऐसे में क्रूज एक बडा और पर्यटकों के लिए लुभावना विकल्प हो सकता है। मंत्रालय ने मुताबिक नीति के सुझावों का अध्ययन करने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।