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    Namibian Cheetahs : नामीबिया से भारत आने वाले चीतों की तस्वीर जारी, दो से साढ़े पांच साल है उम्र

    By Arun Kumar SinghEdited By:
    Updated: Wed, 14 Sep 2022 10:21 PM (IST)

    भारत में चीतों को फिर से बसाने के प्रोजेक्ट से जुड़ी एजेंसियों में से प्रमुख एजेंसी चीता कंजर्वेशन फंड ने बताया कि नामीबिया से आने वाले आठ चीतों में त ...और पढ़ें

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    भारत में चीतों को फिर से बसाने के प्रोजेक्ट से जुड़ी एजेंसियों में से प्रमुख एजेंसी चीता कंजर्वेशन फंड।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नामीबिया से आने वाले जिन चीतों को लेकर देश बेसब्री से इंतजार कर रहा है। उन सभी चीतों की फिलहाल तस्वीरें सामने आ गई हैं। इनमें तीन नर और पांच मादा चीते शामिल हैं। इन सभी की उम्र दो से साढ़े पांच साल के बीच की है। खास बात यह है कि यह दोनों ही सगे भाई है और नामीबिया के एक निजी रिजर्व में हैं।

    चीता कंजर्वेशन फंड ने जारी किया ब्योरा

    भारत में चीतों को फिर से बसाने के प्रोजेक्ट से जुड़ी एजेंसियों में से प्रमुख एजेंसी चीता कंजर्वेशन फंड ने बुधवार को ब्योरा जारी करते हुए बताया कि नामीबिया से आने वाले आठ चीतों में तीन नर चीते हैं। इनमें दो की उम्र साढ़े पांच साल की है, जबकि एक साढ़े चार साल का है। वहीं जो पांच मादा चीता आ रहे हैं, उनमें से दो मादा चीता की उम्र पांच वर्ष है, जबकि एक दो साल, एक ढाई साल व एक तीन से चार वर्ष के बीच है। बताया जाता है कि चीता की औसत आयु 12 साल होती है।

    जम्बो जेट में चीतों के लिए किया गया बदलाव

    नामीबिया से आने वाले चीतों में एक मादा चीता वहां एक प्रतिष्ठित कारोबारी का भी है, जिसे कुछ साल पहले उन्होंने जंगल में छोड़ दिया था। इस बीच संस्था ने आने वाले सभी चीतों से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी जारी की है। यानी वह किस रिजर्व से हैं। कितने समय से वहां रह रहे हैं। उनके परिवार का ब्योरा आदि शामिल है। इसके साथ ही चीतों को लाए जाने वाले जम्बो जेट में चीतों के लिए खासतौर पर बदलाव भी किया गया है, ताकि उन्हें यह आभास न हो कि वह जंगल से कहीं बाहर ले जाया जा रहा है।

    उड़ान को एक विशेष फ्लैग नंबर दिया गया

    वहीं चीता प्रोजेक्ट से जुड़ी विमानन क्षेत्र से जुड़ी यह कंपनी भी इसे लेकर काफी उत्साहित है। कंपनी से इसे लेकर अपनी इस उड़ान को एक विशेष फ्लैग नंबर भी दिया है, जिनका नंबर 118 है। उड़ान के बाद इस फ्लैग को कंपनी अपने संग्रहालय में सहेज कर रखेगी। कंपनी की मानें तो दुनिया में चीतों को शिफ्टिंग के लिए वह पहली बार कोई उड़ान संचालित कर रही है। ऐसे में यह उनके लिए ऐतिहासिक पल है। गौरतलब है कि नामीबिया से आठ चीतों का पहला दल 17 सितंबर को भारत आ जाएगा। पीएम मोदी के जन्मदिन पर इन्हें मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर अभयारण्य में रखा जाएगा।