नई दिल्ली, पीटीआइ। फार्मास्यूटिकल कंपनी माइलेन एनवी ने सोमवार को बताया कि उसे भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआइ) से देश में कोविड-19 के इलाज में सीमित आपात इस्तेमाल के लिए रेमडेसिविर के उत्पादन और विपणन की मंजूरी मिल गई है। इस दवा का मूल्य प्रति 100 मिग्रा वायल 4,800 रुपये होगा। यह इसी महीने मरीजों के लिए उपलब्ध हो जाएगी। कंपनी ने घरेलू फार्मा कंपनी सिप्ला और हीटेरो के साथ हाथ मिलाया है जिन्हें डीसीजीआइ से पहले ही रेमडेसिविर के उत्पादन और विपणन की मंजूरी मिल चुकी है।

माइलेन ने एक बयान जारी कर बताया कि यह दवा भारत में डेसरेम ब्रांडनेम से लांच की जाएगी। कंपनी का कहना है कि विकसित देशों के मुकाबले यह दवा भारत में 80 फीसद कम कीमत पर उपलब्ध होगी। भारत में इस दवा का निर्माण इंजेक्टेबल संयंत्र में किया जाएगा जहां अमेरिका के भी उत्पाद बनाए जाते हैं। लिहाजा अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन इसका निरीक्षण कर चुका है। मालूम हो कि इस दवा के उत्पादन और विपणन के लिए हीटेरो, सिप्ला, जुबिलेंट लाइफ साइसेंज और माइलेन ने गिलीड साइंसेज इंक के साथ नॉन एक्सक्लूसिव लाइसेंस एग्रीमेंट किया था। 

हाल ही में केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में इस्‍तेमाल हो रही दवा रेमडेसिवीर को लेकर नई गाइडलाइन जारी की थी। नई गाइडलाइन में कहा गया है कि इस दवा की डोज छह दिन के बजाय पांच दिन तक मरीजों को दी जाएगी। पहले दिन मरीज को इंजेक्‍शन के रूप में रेमडेसिवीर की 200mg डोज दी जाएगी। इसके बाद अगले चार दिन तक रोजाना 100-100mg के इंजेक्‍शन लगाए जाएंगे। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने बीते 13 जून को रेमडेसिवीर (Remdesivir) के इमर्जेंसी यूज की इजाजत दी थी।  

उल्‍लेखनीय है कि समाचार एजेंसी पीटीआइ और अन्य स्रोतों से सोमवार रात 10 बजे तक मिले आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना वायरस से संक्रमितों का आंकड़ा सात लाख को पार कर गया है। पिछले चौबीस घंटे में 21,529 नए मामले सामने आए और संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7,11,878 हो गई। इनमें से 4,36,373 मरीज पूरी तरह से स्वस्थ भी हो चुके हैं और सक्रिय मरीज 2,55,366 रह गए हैं। इस महामारी से 20,139 लोगों की जान भी जा चुकी है। 

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