छतरपुर, राज्‍य ब्‍यूरो। मध्य प्रदेश में धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश लागू होने के बाद धर्मांतरण के मामलों में कमी नहीं आ रही है। यहां के पर्यटन स्थल खजुराहो में ईसाई मिशनरी द्वारा संचालित एक कान्वेंट स्कूल की लाइब्रेरियन को सात माह से वेतन नहीं दिया गया। लाइब्रेरियन रूबी सिंह ने जब स्कूल की प्राचार्य सिस्टर भाग्या से वेतन मांगा तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि इसके लिए धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा। मामला हिंदू संगठनों तक पहुंचा। उसके पदाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद सिस्टर भाग्या के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश के प्रविधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

सात माह से बकाया था वेतन, नौकरी से भी निकाला 

मामला खजुराहो के विद्याधर कॉलोनी में स्थित सेक्रेट हार्ट कान्वेट स्कूल का है। लाइब्रेरियन रूबी सिंह का आरोप है कि उन्हें अक्टूबर 2019 से अप्रैल 2020 तक स्कूल से वेतन नहीं मिला। बीमार पति का इलाज करवाना भी बहुत जरूरी है। जब उन्होंने सिस्टर भाग्या से वेतन की मांग की तो उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन कर लो, हम तुम्हारा वेतन दे देंगे और उसमें बढ़ोतरी भी कर देंगे। पति का इलाज करवाने का भी आश्‍वासन दिया गया। उनकी बात न मानने पर सिस्टर भाग्या ने उनसे घर पर झाड़ू-पोंछा का काम भी करवाया। लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ि‍त कर रूबी सिंह को नौकरी से भी निकाल दिया।

हिंदू संगठनों तक पहुंचा मामला

सिस्टर भाग्या द्वारा लगातार प्रताड़ि‍त किए जाने और नौकरी से निकाले जाने पर रूबी सिंह ने इस संबंध में विभिन्न हिंदूवादी नेताओं को जानकारी दी। इस पर मामला थाने पहुंच गया। सोमवार को रूबी सिंह द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन पर सिस्टर भाग्या के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश की दो धाराओं (प्रलोभन देकर मतांतरण की कोशिश) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। खजुराहो थाना प्रभारी संदीप खरे का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

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