विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

68 करोड़ यूजर के ई-मेल और पासवर्ड लीक, मध्य प्रदेश स्टेट साइबर ने जारी की एडवाइजरी

Published: Mon, 22 Dec 2025 02:59 PM (GMT+05:30)

मध्य प्रदेश स्टेट साइबर सेल ने 68 करोड़ यूजर्स के ई-मेल आईडी और पासवर्ड लीक होने की जानकारी दी है। ...और पढ़ें

68 करोड़ यूजर्स का डाटा लीक (फोटो-Freepik)

68 करोड़ यूजर्स का डाटा लीक (फोटो-Freepik)

HighLights

  1. 68 करोड़ यूजर्स के ई-मेल आईडी, पासवर्ड लीक

  2. पासवर्ड बदलने और टू-फैक्टर वेरिफिकेशन की सलाह

  3. सोशल मीडिया हैंडल के लिए अलग पासवर्ड रखें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के स्टेट साइबर सेल ने बताया कि 68 करोड़ यूजर्स के ई-मेल आईडी और पासवर्ड लीक हो चुके हैं। अपने अकाउंट को हैक होने से बचाने के लिए तुरंत ही पासवर्ड बदल दें।

मध्य प्रदेश स्टेट साइबर पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि अगर आपका ई-मेल अकाइंट हैक कर लिया जाता है, तो इससे लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल वॉलेट का एक्सेस भी हैकर को मिल सकता है। इसे रोकने के लिए सभी यूजर्स को अपनी ई-मेल आईडी का पासवर्ड तुरंत बदल लेना चाहिए।

लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी

डेटा लीक होने के साथ स्टेट साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है. लोगों को पासवर्ड बदलने की हिदायत के साथ ही टू-फैक्टर वेरिफिकेशन ऑन करने के लिए भी कहा है।

ई-मेल आईडी में टू-फैक्टर वेरिफिकेशन के चालू होने से अगर हैकर के पास आपकी मेल आईडी का पासवर्ड भी होगा, तब भी वो आपके अकाउंट तक नहीं पहुंच सकेगा। इसके पीछे की वजह यह है कि आईडी का पासवर्ड डालने के बाद टू-फैक्टर वेरिफिकेशन के लिए आपके मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, जो केवल आपको ही पता होगा, इससे हैकर आपके अकाउंट तक नहीं पहुंच पाएगा।

टू-फैक्टर वेरिफिकेशन में भी सावधानी रखने की जरूरत है। अगर आपके मोबाइल स्क्रीन पर ई-मेल की परमिशन मांगी जाती है, तब आपको सावधानी बरतते हुए Yes, it's me के ऑप्शन पर क्लिक नहीं करना है. अगर आपने क्लिक कर दिया, तो सभी जानकारी हैकर के पास चली जाएगी.

अगर आप गलती से इस ऑप्शन पर क्लिक कर देते हैं, तब आप तुरंत ही अपना पासवर्ड बदल लें. इससे फिर एक बार ई-मेल आईडी का एक्सेस आपके हाथ में आ जाएगा।

सोशल मीडिया हैंडल के लिए अलग पासवर्ड

मध्य प्रदेश स्टेट साइबर एसपी प्रणय नागवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि देशभर में 68 करोड़ इंटरनेट यूजर के ईमेल आईडी और पासवर्ड साइबर अपराधियों के पास होने का अनुमान है। लोगों के लिए एडवाइजरी में कहा कि यूजर को अपने सभी वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखने चाहिए।

यह भी पढ़ें- MP के चर्च में प्रार्थना सभा की आड़ में कराया जा रहा था मतांतरण, हिंदू संगठनों ने लगाया आरोप 

यह भी पढ़ें- भोपाल के पास सीहोर में दो पक्षों के बीच विवाद, पथराव व वाहनों में तोड़फोड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा