नई दिल्ली, एएनआइ। कोरोना संकट के बीच रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने बताया कि देश में हमने 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाना शुरू कर दिया था और अब तक कुल 4050 ट्रेनें चलाई गई हैं। इन श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से 54 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाया गया है। इसके साथ ही रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि इनमें से लगभग 80 फीसद ट्रेनें उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए चलाई गईं हैं।

वहीं, दूसरी ओर लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग अब घटने लगी है। पिछले 29 दिनों में कुल 54 लाख से अधिक प्रवासी मजदूरों को श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से उनके गतंव्य तक पहुंचाया जा चुका है। भारतीय रेलवे का दावा है कि श्रमिकों की पूरी वापसी और राज्यों की मांग आने तक ट्रेनें चलाई जाएंगी।'

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के भटकाव और ऐसी ही कई खबरों से आहत भारतीय रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने हाल ही में पूरे मामले पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि पिछले एक सप्ताह के दौरान प्रत्येक दिन तीन लाख से अधिक श्रमिकों को उनके गतंव्य तक पहुंचाया जा चुका है। श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की संख्या जहां एक दिन में अधिकतम 279 तक पहुंची थी, वह अब घटकर 137 रह गई है।' उन्होंने कहा कि केवल 20 मई से 24 मई के बीच उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली ट्रेनों की संख्या अधिक हो गई है थी। कुल 3849 ट्रेनों में से केवल 71 ट्रेनों का रुट बदला गया था। उन्होंने कहा कि ट्रेनों का भटकाव संभव ही नहीं है।

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