'भारत जैसे देश नहीं दबाया जा सकता', चीनी एक्सपर्ट ने की ट्रंप के टैरिफ की आलोचना; बताया क्यों जरूरी है India से दोस्ती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात के दौरान ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ पर चर्चा हुई। एक चीनी एक्सपर्ट ने कहा कि ट्रंप ने 180 देशों पर टैरिफ लगाए हैं जिससे भारत के पास एक अवसर है। एक्सपर्ट ने मोदी के नेतृत्व को सराहा और इसे अमेरिका के लिए चिंता का कारण बताया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात हुई। ये मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दुनिया के कई देश ट्रंप के टैरिफ की मार झेल रहे हैं। ट्रंप के भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। ट्रंप के इस कदम की आलोचना करके हुए जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट ने इसे क्षणिक करार दिया है।
ताईहे इंस्टीट्यूट के वरिष्ठ फेलो एइनार टैंगन ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भारत को मजबूर करना चाहते थे उन्हें लगता था कि ये भारत पर धौंस लगाने का सही अवसर है। लेकिन मुझे लगता है कि भारत जैसे देश को, जो बाजारों और श्रम के लिए इतना महत्वपूर्ण है, कमतर आंकना यह उचित है।
चीनी एक्सपर्ट ने यह टिप्पणी एनडीटीवी पर एक पैनल चर्चा के दौरान की, जब प्रधानमंत्री मोदी ने शी के साथ द्विपक्षीय बैठक की और चीनी नेता को आपसी विश्वास और सम्मान के आधार पर भारत-चीन संबंधों को आगे ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता से अवगत कराया। उन्होंने तर्क दिया कि यह बैठक केवल भारत और चीन के बारे में नहीं थी बल्कि कई चिंतित देशों के बारे में भी थी जो ट्रंप के टैरिफ का सामना कर रहे हैं।
ट्रंप ने 180 देशों पर टैरिफ लगाए
एइनार टैंगन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने 180 देशों पर टैरिफ लगाए हैं। इस समय, भारत के पास एक अवसर है। भारत इसका सामना कर सकता है। भारत एससीओ और ब्रिक्स, दोनों में संतुलनकारी शक्ति रहा है। अमेरिका गुटनिरपेक्ष आंदोलन में भारत के नेतृत्व को लेकर चिंतित है, कि वह वाशिंगटन के "औपनिवेशिक खेलों" का सामना करेगा।
नई दिल्ली को दबाना चाहता है वॉशिंगटन- एक्सपर्ट
उन्होंने कहा, "वाशिंगटन इस कदम से इसलिए कतरा रहा है क्योंकि वह नई दिल्ली को दबाना चाहता है। उसे चिंता है कि अगर भारत गुटनिरपेक्ष दुनिया का नेतृत्व करता है और अमेरिका को बता देता है, तो बात यहीं खत्म हो जाएगी। आप जितना चाहें टैरिफ लगा सकते हैं, लेकिन वे सभी देशों के लिए एक समान होने चाहिए। आप हमें औपनिवेशिक खेलों में नहीं बांट सकते और हमें चीन, रूस और कई अन्य देशों सहित एक-दूसरे के खिलाफ नहीं खड़ा कर सकते।"
मोदी के लिए नेतृत्व की बागडोर संभालने का अवसर- एक्सपर्ट
टैंगन ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को भी एक महत्वपूर्ण कारक बताया, जिसने उनके अनुसार अमेरिका की नींद उड़ा दी है। उन्होंने कहा, "यह खड़े होने, अपनी गिनती में आने और मोदी के लिए नेतृत्व की बागडोर संभालने का अवसर है। मुझे लगता है कि यही वह चीज है जो वाशिंगटन को देर रात तक जगाए रखती है।"
भारत ने सीजफायर में ट्रंप की भूमिका को नकारा
अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। रूसी तेल आयात बंद करने से इनकार करने के बाद ट्रंप मे बौखलाहट में ये कदम उठाया है। हालांकि रिपोर्टों से पता चलता है कि टैरिफ का संबंध पाकिस्तान के साथ संघर्ष के दौरान भारत द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांतिदूत कहने से इनकार करने से है।
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